“अपने कार्य को निष्ठा और उत्कृष्टता के साथ करना ही योग है”— प्रो. जे. पी. पांडेय
लखनऊ। भारतीय पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ समन्वित करने के उददेश्य से लखनऊ के आर0आर0 ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “भारतीय ज्ञान प्रणाली” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे. पी. पांडेय ने कहा है कि,“अपने कार्य को निष्ठा और उत्कृष्टता के साथ करना ही योग है” उन्होंने भारतीय ज्ञान प्र
lucknow
6:56 PM, Mar 30, 2026
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प्रो0 जे पी पाण्डेय के साथ संस्थान के सचिव चितरांशु अग्रवाल by- bma7.in
उत्तर प्रदेश। लखनऊ। भारतीय पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ समन्वित करने के उददेश्य से लखनऊ के आर0आर0 ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “भारतीय ज्ञान प्रणाली” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे. पी. पांडेय ने कहा है कि,“अपने कार्य को निष्ठा और उत्कृष्टता के साथ करना ही योग है” उन्होंने भारतीय ज्ञान प्रणाली को वर्तमान शिक्षा में समाहित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया तथा इसे राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
भविष्य के निर्माण की सशक्त आधारशिला है भारतीय ज्ञान प्रणाली— चितरांशु अग्रवाल
आर0आर0 ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के सचिव चितरांशु अग्रवाल ने कहा कि, भारतीय ज्ञान प्रणाली केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि भविष्य के निर्माण की सशक्त आधारशिला है। यह प्रणाली हमारे जीवन मूल्यों, विज्ञान, संस्कृति और नैतिकता का समन्वय प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि यदि इसे शिक्षा में प्रभावी रूप से लागू किया जाए, तो यह विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहायक सिद्ध हो सकती है।
भारतीय ज्ञान प्रणाली देश की पहचान और गौरव का प्रतीक
डॉ. ए. के. खरे ने भी ऑनलाइन माध्यम से सम्मेलन में अपने विचार प्रस्तुत किए और भारतीय ज्ञान प्रणाली के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला।संस्थान के रजिस्ट्रार बिमलेश सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि,भारतीय ज्ञान प्रणाली हमारे देश की पहचान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने इस ज्ञान को सरल एवं वैज्ञानिक रूप में नई पीढ़ी तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे वे अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
नई शिक्षा नीति पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
संस्थान के निदेशक प्रो. एस. एस. चौहान, डीन दुर्गेश वर्मा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर विकाश सिंह, डीन प्लेसमेंट आरती जायसवाल तथा चीफ प्रॉक्टर विजय बहादुर सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. आलोकिक दीक्षित, डॉ. धीरेंद्र एवं डॉ. रुचि सिंह द्वारा किया गया। जिन्होंने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराया।सम्मेलन के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मोड में भारतीय ज्ञान परंपरा, नवाचार तथा नई शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में अपने विचार प्रस्तुत किए गए।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर