नवीपनाह गांव में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से दो मजदूरों की मौत
माल थाना क्षेत्र के नवीपनाह गांव में सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे दो मजदूरों की जहरीली गैस की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी बवाल मचा हुआ है।
lucknow
5:57 PM, May 8, 2026
Share:


दोनों मजदूरो की मौत के बाद परिजनो का रोकर बुरा हाल सौ0 bma7.in
लखनऊ। माल थाना क्षेत्र के नवीपनाह गांव में सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे दो मजदूरों की जहरीली गैस की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी बवाल मचा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब नवीपनाह गांव में एक निर्माणाधीन या पुराने सेप्टिक टैंक की सफाई का कार्य चल रहा था। काम के दौरान टैंक के अंदर उतरते ही मजदूरों की स्थिति बिगड़ने लगी। टैंक के भीतर घुटन महसूस होने और ऑक्सीजन की कमी के कारण वे अचेत हो गए। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने जब उन्हें बेसुध पाया, तो हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि, शौचालय के 15 फिट गहरे नए टैंक में मिट्टी सफाई करने उतरे दो मजदूर 26 वर्षीय राजेश और 34 वर्षीय शुकर की जहरीली गैस से हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ,उपजिलाधिकारी अंकित मौर्या, टीम सहित मौके पर पहुंचे।सीएचसी चिकित्सकों द्वारा शवो का परीक्षण किये जाने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों को टैंक से बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस सूचना के मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया।
यह घटना एक बार फिर सुरक्षा उपकरणों की कमी और जोखिम भरे कार्यों में बरती जाने वाली लापरवाही को उजागर करती है। अक्सर देखा जाता है कि, बिना किसी सुरक्षा गियर, मास्क या ऑक्सीजन की व्यवस्था के मजदूरों को गहरे टैंकों में उतारा जाता है, जो जानलेवा साबित होता है।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस टीम ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बात की जांच की जा रही है कि, क्या कार्य के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की गुहार लगाई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस दुखद घड़ी में शोक व्यक्त करते हुए उचित मदद का भरोसा दिलाया है। यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि, आधुनिक दौर में भी इस तरह के असुरक्षित कार्यों के कारण कीमती जानें जा रही हैं।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर