यूपी के मिर्जापुर मे दर्दनाक सड़क हादसा,11 लोगों की जलकर मौत,कई परिवार उजड़े
मिर्जापुर जिले में बुधवार रात को एक दर्दनाक सड़क हादसा होने की खबर सामने आ रही है। जिसमें 11 लोगों की जलकर मौत हो गई। यह दुर्घटना मिर्जापुर के ड्रमंडगंज घाटी के पास हुई।पुलिस के अनुसार, पहाड़ी से उतरते समय एक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा।
mirzapur
12:56 PM, Apr 23, 2026
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हादसे पर दुख व्यक्त किया सौ0 bma7.in
उत्तर प्रदेश। मिर्जापुर जिले में बुधवार रात को एक दर्दनाक सड़क हादसा होने की खबर सामने आ रही है। जिसमें 11 लोगों की जलकर मौत हो गई। यह दुर्घटना मिर्जापुर के ड्रमंडगंज घाटी के पास हुई।पुलिस के अनुसार, पहाड़ी से उतरते समय एक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा।
हादसे में गई 11 जिन्दगी
बताया जा रहा है कि, अनियंत्रित ट्रक ने आगे चल रहे वाहनों को टक्कर मार दी। इसमें एक ऑल्टो कार दो ट्रकों के बीच दब गई और एक बोलेरो टक्कर के बाद भीषण आग की चपेट में आ गई। हादसे में कार सवार सभी 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में 4 बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं।अधिकांश मृतक मिर्जापुर और मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। आग इतनी भीषण थी कि पीड़ितों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
स्थानीय लोगों की मदद
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग की लपटों के बीच से पीड़ितों को निकालने की कोशिश की।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, धमाका इतना तेज था कि किसी को भी बचने का मौका नहीं मिला, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।लोग इस घटना को "सिस्टम की लापरवाही" के रूप में देख रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि केवल मुआवजा देना काफी नहीं है, बल्कि सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
सरकारी प्रतिक्रिया और सहायता
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।
लोगो का फूटा गुस्सा
मिर्जापुर के इस भीषण हादसे को लेकर लोगों में भारी शोक, गुस्सा और चिंता है।लोग सोशल मीडिया पर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और इसे "दिल दहला देने वाली" घटना बता रहे हैं।लोगों का कहना है कि, ड्रमंडगंज घाटी जैसे खतरनाक रास्तों पर भारी वाहनों की फिटनेस और ब्रेक की नियमित जांच क्यों नहीं होती।स्थानीय निवासियों और यात्रियों द्वारा इस मार्ग पर ढलान के पास इमरजेंसी रनवे रैम्पबनाने की मांग उठाई जा रही है ताकि, ब्रेक फेल होने की स्थिति में हादसों को रोका जा सके।कई लोग ट्रकों की ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार को भी इस विनाशकारी टक्कर का बड़ा कारण मान रहे हैं।
मृतकों की सूची
मृतकों की पहचान 45 वर्षीय विष्णु सिंह, 43 वर्षीय वंदना सिंह ,47 वर्षीय वीना सिंह,40 वर्षीय पंकज सिंह, 14 वर्षीय पीयूष सिंह,9 वर्षीय,9 वर्षीय सोनम सिंह और 8 वर्षीय शिवा सिंह निवासी मिर्जापुर - जिगना क्षेत्र के रहने वाले के रूप में हुई है। वही दूसरी ओर हादसे में जान गंवाने वाले अन्य लोगों की पहचान 42 वर्षीय प्रियंका सिंह निवासी सतना, मध्य प्रदेश, 18 वर्षीय कार्तिकेय सिंह निवासी सतना मध्य प्रदेश, 32 वर्षीय विकास शर्मा निवासी सागर, मध्य प्रदेश और 27 वर्षीय जय प्रकाश निवासी सोनभद्र उत्तर प्रदेश के रहने वाले के रूप में हुई है। जिनके परिवार के लोगो के घरो में मातम छाया हुआ है।
सरकारी मुआवजा
हादसे को लेकर बताया जा रहा है कि,हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मिर्जापुर मेडिकल कॉलेज और कुछ को वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।डॉक्टरों के अनुसार, 2 घायलों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है क्योंकि वे काफी हद तक जल गए हैं। पीएम मोदी के द्वारा मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख प्रत्येक देने को कहा गया है और घायलों को ₹50,000 प्रत्येक देने के निर्देश जारी कर दिए गए है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाए।राज्य सरकार की ओर से भी मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर