लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती जारी,जनता परेशान
लखनऊ के हजरतगंज और अन्य वीवीआईपी इलाकों में भीषण गर्मी के बीच गंभीर बिजली संकट बना हुआ है।तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने से बिजली की मांग में भारी उछाल आया है, जिससे बुनियादी ढांचा चरमरा गया है।
lucknow
2:59 PM, Apr 23, 2026
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लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती जारी photo by - googler
उत्तर प्रदेश। लखनऊ के हजरतगंज और अन्य वीवीआईपी इलाकों में भीषण गर्मी के बीच गंभीर बिजली संकट बना हुआ है।तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने से बिजली की मांग में भारी उछाल आया है, जिससे बुनियादी ढांचा चरमरा गया है।
वीवीआईपी इलाकों में संकट
मुख्यमंत्री आवास से मात्र 1 किमी दूर हजरतगंज और आसपास के क्षेत्रों जैसे विधान सभा मार्ग और सुंदरबाग में 2 से 4 घंटे तक की कटौती की खबरें हैं।मुख्यमंत्री आवास से मात्र 1 किमी दूर हजरतगंज और आसपास के क्षेत्रों जैसे विधान सभा मार्ग और सुंदरबाग में 2 से 4 घंटे तक की कटौती की खबरें हैं।
लोगो में भारी नाराजगी
बिजली कटौती और पानी की किल्लत से परेशान लोग सड़कों पर उतर आए हैं। राजाजीपुरम, दुबग्गा और सआदतगंज जैसे इलाकों में प्रदर्शन और नारेबाजी हुई है। लगभग 10 लाख प्रिपेड उपभोक्ता रिचार्ज के बावजूद बिजली न आने या नकारात्मक बैलेंस के कारण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। सरकार ने वर्तमान में पुराने मीटरों को बदलने पर रोक लगा दी है।
अधिकारियों को निर्देश
बिजली विभाग ने मरम्मत के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 2 से 8 घंटे तक के शेड्यूल शटडाउन की घोषणा की है।यूपीपीसीएल के चेयरमैन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्मार्ट मीटर रिचार्ज के बाद 2 घंटे के भीतर आपूर्ति बहाल की जाए। किसी भी समस्या के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।
लोगो की मांग
लोगों की सबसे बड़ी मांग यह है कि ,अघोषित बिजली कटौती तुरंत बंद की जाए। यदि तकनीकी कारणों से कटौती अनिवार्य है, तो विभाग पहले से इसका समय बताए ताकि लोग मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार रह सकें।
स्मार्ट मीटर हटाने की मांग
चिनहट और इंदिरानगर जैसे इलाकों में निवासियों ने विरोध प्रदर्शन कर पुराने मीटर वापस लगाने की मांग की है।उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर में बिल पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा और गलत आ रहे हैं।हाल ही में रिचार्ज और निगेटिव बैलेंस की समस्याओं के कारण किसान और आम जनता फिर से पोस्टपेड कनेक्शन लागू करने की मांग कर रहे हैं।
मेंटेनेंस का बेहतर तालमेल
लोगो का कहना है कि,ओवरलोड के कारण जल रहे ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए 24 घंटे की समय सीमा तय करने की मांग की जा रही है। लोग चाहते हैं कि, एक ही फीडर पर बार-बार शटडाउन लेने के बजाय एक बार में ही सभी मरम्मत कार्य पूरे किए जाएं।
लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई
उपभोक्ताओं की शिकायत है कि, संकट के समय हेल्पलाइन नंबर अक्सर काम नहीं करते या संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, जिसे सुधारने की मांग हो रही है।मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री ने भी जनता की मांगों के समर्थन में अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अनावश्यक कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर