मां के अवैध संबंधों का खौफनाक अंत; बेटे ने चाचा के साथ मिलकर की सूरज की निर्मम हत्या
बिजनौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अशरफ नगर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का लखनऊ पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिल यादव और उसके एक नाबालिग साथी (चाचा) को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़ और खून से सनी ईंट भी बरामद कर ली गई है। पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ है, उसने रिश्तों और प्रतिशोध की एक भयावह
lucknow
4:13 PM, May 10, 2026
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पुलिस ने 24 घंण्टे के अंदर हत्याकांड का किया खुलासा सौ0 bma7.in
लखनऊ। बिजनौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अशरफ नगर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का लखनऊ पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिल यादव और उसके एक नाबालिग साथी (चाचा) को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़ और खून से सनी ईंट भी बरामद कर ली गई है। पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ है, उसने रिश्तों और प्रतिशोध की एक भयावह तस्वीर पेश की है।
बीते दिनों बिजनौर के अशरफ नगर इलाके में एक युवक का लहूलुहान शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। मृतक की पहचान सूरज गौतम के रूप में हुई थी। शव की हालत देखकर साफ था कि, उसे बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) के निर्देशन में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की घेराबंदी शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप अनिल यादव पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पुलिस की कड़ी पूछताछ में अनिल यादव ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। अनिल ने बताया कि, यह पूरी घटना रंजिश और पारिवारिक सम्मान से जुड़ी थी। आरोपी के मुताबिक, उसकी मां सुषमा देवी का मृतक सूरज के साथ पिछले लगभग तीन वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था। अनिल को इस बात की जानकारी थी और वह इसका विरोध भी करता था, लेकिन करीब दो महीने पहले उसने अपनी मां और सूरज को आपत्तिजनक हालत में देख लिया।इस दृश्य ने अनिल के भीतर प्रतिशोध की आग भड़का दी। उसे लगा कि सूरज की वजह से समाज में उसके परिवार की बदनामी हो रही है। अनिल ने ठान लिया कि वह सूरज को जिंदा नहीं छोड़ेगा। उसने इस खौफनाक साजिश में अपने सगे चाचा (जो कि नाबालिग है) को भी शामिल किया।
योजना के मुताबिक, अनिल और उसके साथी ने सूरज को ठिकाने लगाने के लिए एक सुनसान जगह चुनी। आरोपी ने बताया कि उसने पहले सूरज पर चापड़ से वार किया और जब वह जमीन पर गिर गया, तो उसके चाचा ने पत्थर और ईंट से उसके सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार किए। दोनों ने सूरज को तब तक मारा जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं। हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
डीसीपी साउथ ने बताया कि ,पुलिस टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में कामयाबी हासिल की है। बरामद किया गया चापड़ और ईंट इस मामले में अहम सबूत साबित होंगे। फिलहाल, पुलिस ने मुख्य अभियुक्त अनिल यादव को जेल भेज दिया है, जबकि नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जा रहा है।स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध चाहे कितनी भी योजनाबद्ध तरीके से किया जाए, कानून के हाथ अपराधी तक पहुंच ही जाते हैं।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर