मलिहाबाद में महाराजा मल्हिय के नाम पर अर्कवंशी समाज का हल्लाबोल, आंदोलन की चेतावनी
मलिहाबाद क्षेत्र में 'महाराजा मल्हिय' की ऐतिहासिक पहचान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े सामाजिक टकराव का रूप लेता जा रहा है। शुक्रवार को मलिहाबाद के मोहान तिराहे पर अर्कवंशी समाज के सैकड़ों लोगों ने एकत्रित होकर क्षेत्र की विधायक जयदेवी कौशल और उनके पति, पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विवाद की मुख्य वजह मोहान तिराहे पर हाल ही में स्थापित 'मल्हिया पासी स्मृति द्वार' ह
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3:39 PM, May 8, 2026
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मलिहाबाद में महाराजा मल्हिय के नाम पर अर्कवंशी समाज का हल्लाबोल सौ0 bma7.in
लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र में 'महाराजा मल्हिय' की ऐतिहासिक पहचान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े सामाजिक टकराव का रूप लेता जा रहा है। शुक्रवार को मलिहाबाद के मोहान तिराहे पर अर्कवंशी समाज के सैकड़ों लोगों ने एकत्रित होकर क्षेत्र की विधायक जयदेवी कौशल और उनके पति, पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विवाद की मुख्य वजह मोहान तिराहे पर हाल ही में स्थापित 'मल्हिया पासी स्मृति द्वार' है, जिसे अर्कवंशी समाज इतिहास के साथ छेड़छाड़ बता रहा है।
अखिल भारतीय अर्कवंशी क्षत्रिय महासंघ/ट्रस्ट के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में समाज के नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि 'महाराजा मल्हिय सिंह' अर्कवंशी समाज के पूर्वज थे। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी सिंह अर्कवंशी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा, "महाराजा मल्हिय सिंह अर्कवंशी समाज के गौरवशाली राजा थे। लेकिन वर्तमान विधायक और पूर्व मंत्री ने वोट बैंक की राजनीति के चलते उन्हें जबरन 'पासी' समाज का बताकर स्मृति द्वार पर उनका नाम गलत तरीके से अंकित करवाया है।"अर्कवंशी समाज का आरोप है कि इस द्वार के माध्यम से एक समुदाय विशेष को खुश करने के लिए ऐतिहासिक तथ्यों की बलि दी जा रही है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि महापुरुषों की पहचान के साथ यह खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो पूरा समाज सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम अंकित कुमार को मुख्यमंत्री को संबोधित एक चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मोहान तिराहे पर लगे विवादित 'मल्हिया पासी' द्वार को तत्काल हटाया जाए।महाराजा मल्हिय सिंह की सही ऐतिहासिक पहचान (अर्कवंशी) के साथ नया द्वार स्थापित किया जाए।इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने वाले और समाज में विद्वेष फैलाने वाले दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।क्षेत्र के अन्य महापुरुषों के नामों और इतिहास के संरक्षण के लिए एक समिति गठित की जाने की मांग की गई है।
अप्रैल माह में विधायक जयदेवी कौशल ने इस द्वार को लगवाया था, जिसे 22 अप्रैल की रात कुछ लोगों ने हटा दिया था। इस घटना से नाराज होकर विधायक जयदेवी और कौशल किशोर खुद धरने पर बैठ गए थे। उस समय बड़ी संख्या में पासी समाज के लोग उनके समर्थन में आए थे। 30 अप्रैल को प्रशासन के सहयोग से दोबारा द्वार लगाए जाने के बाद विधायक ने अपना अनशन समाप्त किया था। अब अर्कवंशी समाज के मैदान में उतरने से यह मामला दो समुदायों के बीच 'सम्मान की लड़ाई' बन गया है।
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मलिहाबाद प्रशासन अलर्ट पर है। एसडीएम अंकित कुमार ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि, उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा और ऐतिहासिक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर