अर्पित की मौत पर आक्रोश: रिहाई की शर्त पर अटका अंतिम संस्कार, गांव में पीएसी का पहरा
हनलालगंज स्थित उत्तरगांव में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 11 वर्षीय किशोर अर्पित की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर किए गए बल प्रयोग और चार ग्रामीणों को हिरासत में लेने से गुस्साए परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। गाँव में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है।
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2:27 PM, May 1, 2026
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मोहनलालगंज में सड़क हादसे के बाद भारी तनाव सौ0 bma7.in
लखनऊ। के मोहनलालगंज स्थित उत्तरगांव में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 11 वर्षीय किशोर अर्पित की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर किए गए बल प्रयोग और चार ग्रामीणों को हिरासत में लेने से गुस्साए परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। गाँव में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है।
बताया जा रहा है कि,गुरूवार की रात को टिकरा गांव के पास एक अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने अर्पित को जोरदार टक्कर मार दी थी। गंभीर रूप से घायल अर्पित को लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान गुरुवार को उसकी सांसें थम गईं। मौत की खबर गाँव पहुँचते ही कोहराम मच गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कॉर्पियो चालक की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर पहले कोतवाली परिसर और फिर गांव की सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया।रात को स्थिति तब बिगड़ गई जब पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इस दौरान पुलिस ने बवाल करने के आरोप में गांव के चार लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस की इसी कार्रवाई ने आग में घी का काम किया और शुक्रवार सुबह परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया।
मृतक अर्पित के परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि, पुलिस संवेदना दिखाने के बजाय उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है।परिजनों ने दो टूक शब्दों में कहा कि,एक तो हमने अपना बच्चा खो दिया, ऊपर से पुलिस हमारे ही लोगों को उठाकर थाने ले गई है। जब तक हिरासत में लिए गए हमारे चारों भाइयों को बिना शर्त रिहा नहीं किया जाता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, हम अर्पित का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
मोहनलालगंज के थाना प्रभारी आलोक कुमार राव ने बताया कि, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग जरूरी था क्योंकि, सड़क जाम होने से राहगीरों को भारी किल्लत हो रही थी। उन्होंने कहा कि,हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। हम परिजनों से लगातार संवाद कर रहे हैं और उन्हें समझाने की कोशिश की जा रही है कि, वे कानून को हाथ में न लें। पुलिस प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है और हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अभी फिलहाल, उत्तरगांव छावनी में तब्दील हो चुका है। पुलिस और पीएसी के जवान गलियों में गश्त कर रहे हैं ताकि, आक्रोशित भीड़ फिर से हिंसक न हो जाए। उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराने की कोशिशों में जुटे हैं।
अर्पित की मां पुष्पा देवी की तहरीर पर मोहनलालगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है।परिजनों का आरोप है कि, घटना के बाद पुलिस ने उन्हें तीन दिनों तक टहलाया और सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद ही एफआईआर दर्ज की गई।पुलिस ने लापरवाही से गाड़ी चलाने और लापरवाही के कारण मौत की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
आरोपी चालक का नाम प्रांशू बताया जा रहा है, जो उत्तरगांव का ही रहने वाला है।लिस ने दुर्घटना करने वाली काले रंग की स्कॉर्पियो को अपनी कस्टडी में ले लिया था।परिजनों में सबसे ज्यादा गुस्सा इस बात पर है कि पुलिस ने आरोपी चालक प्रांशू को गिरफ्तार करने के बजाय कथित तौर पर वाहन को छोड़ दिया।एसीपी विकास कुमार पांडे के अनुसार, वाहन को कोर्ट से रिलीज ऑर्डर आने के बाद ही छोड़ा गया था। आरोपी के नाबालिग होने की आशंका है, जिसकी जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर