मल्लावां हत्याकांड: PM के आगमन से पहले बड़ी कार्रवाई, लापरवाही के आरोप में इंस्पेक्टर निलंबित
हरदोई जनपद में चर्चित शिल्पी कुशवाहा हत्याकांड ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। जिले के मल्लावां क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम से ठीक पहले, पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मल्लावां कोतवाली के प्रभारी निरीक्षकशिवकांत पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
hardoi
1:51 PM, Apr 28, 2026
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शिल्पी हत्याकांड में मल्लावां इंस्पेक्टर शिवकांत पांडे निलंबित किये गए photo by - google
उत्तर प्रदेश। के हरदोई जनपद में चर्चित शिल्पी कुशवाहा हत्याकांड ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। जिले के मल्लावां क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम से ठीक पहले, पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मल्लावां कोतवाली के प्रभारी निरीक्षकशिवकांत पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनकी जगह पर विद्या सागर पाल को मल्लावां का नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा द्वारा की गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, शिल्पी हत्याकांड में पुलिस की भूमिका, विशेषकर शुरुआती शिकायतों पर की गई उदासीनता को लेकर उच्चाधिकारियों में भारी नाराजगी थी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि, मुख्य आरोपी ऋषभ द्विवेदी लंबे समय से शिल्पी को परेशान कर रहा था। परिजनों का दावा है कि वर्ष 2025 में ही पुलिस को छेड़छाड़ और धमकी की लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन उस समय मल्लावां पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यदि समय रहते पुलिस ने ठोस कार्रवाई की होती, तो शायद इस जघन्य हत्याकांड को टाला जा सकता था।
घटना मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के गढ़ी रसूलपुर गांव की है। बीती 13 अप्रैल को शिल्पी कुशवाहा (उम्र लगभग 22 वर्ष) अपने घर के बाहर पशुओं को बांधने का काम कर रही थी। तभी गांव के ही दबंग युवक ऋषभ द्विवेदी ने फावड़े से उसके सिर और गर्दन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि शिल्पी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी ऋषभ और उसके पिता प्रमोद द्विवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन जनता और राजनीतिक दलों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
इस निलंबन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरे से जोड़कर भी देखा जा रहा है। विपक्षी दल, विशेषकर समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी 30 अप्रैल को पीड़ित परिवार से मिलने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। ऐसे में किसी भी प्रकार के जनाक्रोश या सुरक्षा चूक से बचने के लिए शासन ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारी पर गाज गिराना बेहतर समझा।

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मुस्कान सिंह
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