हुसैनगंज पुलिस ने ₹2.76 करोड़ की नशीली खेप के साथ 5 तस्करों को दबोचा
हुसैनगंज पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रभारी निरीक्षक शिवमंगल सिंह के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक अंतर्देशीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 5 शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 2 करोड़ 76 लाख रुपये की अनुमानित कीमत वाली आर्गेनिक और अवैध गांजे की बड़ी खेप बरामद की गई है।
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3:05 PM, May 6, 2026
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हुसैनगंज पुलिस ने ₹2.76 करोड़ की नशीली खेप के साथ 5 तस्करों को दबोचा सौ0 bma7.in
लखनऊ। हुसैनगंज पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रभारी निरीक्षक शिवमंगल सिंह के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक अंतर्देशीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 5 शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 2 करोड़ 76 लाख रुपये की अनुमानित कीमत वाली आर्गेनिक और अवैध गांजे की बड़ी खेप बरामद की गई है।
हुसैनगंज पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि, ड्रग्स की एक बड़ी खेप शहर में खपाने के लिए लाई जा रही है। इस पर कार्रवाई करते हुए प्रभारी निरीक्षक शिवमंगल सिंह की टीम ने जाल बिछाया और घेराबंदी कर गिरोह के पांच सदस्यों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान पुलिस को इनके पास से 2 किलो 700 ग्राम आर्गेनिकगांजा और 5 किलो साधारण अवैध गांजा बरामद हुआ। आर्गेनिक गांजा, जिसे 'हाइड्रो' भी कहा जाता है, अपनी उच्च गुणवत्ता और नशीली क्षमता के कारण बेहद महंगा बिकता है।
पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि, इस गिरोह के तार विदेशों से जुड़े हुए थे। गिरफ्तार किए गए तस्कर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और गुजरात के रहने वाले हैं। ये लोग थाईलैंड जैसे देशों से नशीले पदार्थों को शातिराना ढंग से भारत लाते थे। तस्करों ने स्वीकार किया कि वे विदेशों से उन्नत किस्म के नशीले पदार्थ लाकर लखनऊ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में ऊंचे दामों पर बेचते थे। इनका मुख्य निशाना स्कूलों और कॉलेजों के युवा थे, जिन्हें ये लोग नशे की लत लगाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे।
पुलिस की इस कामयाबी को 'नशा मुक्त अभियान' की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि, यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और तकनीकी तौर पर बेहद मजबूत था। प्रभारी निरीक्षक शिवमंगल सिंह और उनकी टीम की इस मुस्तैदी की वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है।पुलिस अब इस गिरोह के स्थानीय संपर्कों और बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि, यह पता लगाया जा सके कि, तस्करी का पैसा कहाँ निवेश किया गया है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर