हंकार का अंत : बंगाल में जागा जनता का स्वाभिमान, फूँक दिया गया TMC कार्यालय
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक परिणामों ने राज्य की राजनीतिक दिशा बदल दी है। भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत और तृणमूल कांग्रेस की करारी शिकस्त के बाद राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और आगजनी की खबरें सामने आ रही हैं। सबसे बड़ी घटना जामुड़िया और सिलीगुड़ी में देखने को मिली, जहाँ उत्तेजित भीड़ ने तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय कार्यालयों को आग के हवाले कर दिया।
west bengal
7:15 PM, May 5, 2026
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विपक्ष का तंज— 'स्वाभिमान के आगे अहंकार की लंका स्वाहा सौ0 bma7.in
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक परिणामों ने राज्य की राजनीतिक दिशा बदल दी है। भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत और तृणमूल कांग्रेस की करारी शिकस्त के बाद राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और आगजनी की खबरें सामने आ रही हैं। सबसे बड़ी घटना जामुड़िया और सिलीगुड़ी में देखने को मिली, जहाँ उत्तेजित भीड़ ने तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय कार्यालयों को आग के हवाले कर दिया।
सोशल मीडिया पर इस आगजनी के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोग "30% का अहंकार" टूटने और "70% के स्वाभिमान" के जागने के नारे लगा रहे हैं। यह नारा चुनाव के दौरान ध्रुवीकरण के उन दावों से जुड़ा है, जहाँ विपक्ष ने ममता सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह जीत केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की जनता के 'स्वाभिमान' की जीत है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को मतगणना के रुझान साफ होते ही आसनसोल के जामुड़िया स्थित पार्टी दफ्तर में तोड़फोड़ की गई और उसे फूँक दिया गया। इसी तरह सिलीगुड़ी, टॉलीगंज, कस्बा और हावड़ा में भी तृणमूल कांग्रेस कार्यालयों को निशाना बनाए जाने की सूचना है। तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जीत के उत्साह में कानून हाथ में लिया है। वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे जनता का स्वतः स्फूर्त आक्रोश बताया है।
बिगड़ती स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जामुड़िया और आसनसोल में भारी पुलिस बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और साफ किया है कि आगजनी और हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
2026 के इन नतीजों में बीजेपी ने 200 से अधिक सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस 80-90 सीटों पर सिमट गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि, 'अहंकार' और 'जमीनी हकीकत से दूरी' इस हार का मुख्य कारण रही, जिसका परिणाम आज सड़कों पर इस तरह के आक्रोश के रूप में दिख रहा है।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर