राजाजीपुरम में आवारा कुत्तों का खूनी तांडव: बुजुर्ग महिला को नोंचा, हालत नाजुक
लखनऊ के पॉश इलाकों में शुमार राजाजीपुरम में आवारा कुत्तों का आतंक अब जानलेवा स्तर पर पहुँच गया है। ताज़ा घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन की पोल खोल दी है, बल्कि पूरे शहर में दहशत फैला दी है। यह घटना राजाजीपुरम के एफ ब्लॉक में पानी की टंकी के पास घटित हुई, जहाँ एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला कुत्तों के झुंड का शिकार बनीं।
lucknow
2:14 PM, May 8, 2026
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नगर निगम की लापरवाही ने ली बुजुर्ग महिला की सुख-शांति सौ0 bma7.in
लखनऊ के पॉश इलाकों में शुमार राजाजीपुरम में आवारा कुत्तों का आतंक अब जानलेवा स्तर पर पहुँच गया है। ताज़ा घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन की पोल खोल दी है, बल्कि पूरे शहर में दहशत फैला दी है। यह घटना राजाजीपुरम के एफ ब्लॉक में पानी की टंकी के पास घटित हुई, जहाँ एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला कुत्तों के झुंड का शिकार बनीं।
एफ ब्लॉक, मकान नंबर 3437 की निवासी बुजुर्ग महिला रोज़ाना की तरह सुबह टहलने निकली थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही वह पानी की टंकी के समीप पहुँचीं, वहाँ पहले से घात लगाकर बैठे आधा दर्जन से अधिक आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि महिला संभल नहीं पाईं और ज़मीन पर गिर पड़ीं। कुत्तों ने उनके पैरों और हाथों को बुरी तरह नोंच डाला। स्थानीय लोगों के शोर मचाने के बाद कुत्ते वहाँ से भागे, लेकिन तब तक महिला लहूलुहान हो चुकी थीं।
गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत पास के रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल पहुँचाया गया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टरों ने स्थिति का जायजा लिया और बताया कि महिला को 'थर्ड डिग्री' जख्म आए हैं। जब कुत्तों के काटने से त्वचा की गहराई तक मांसपेशियां फट जाती हैं, तो इसे मेडिकल भाषा में गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। प्राथमिक उपचार के बाद, डॉक्टरों ने संक्रमण और रेबीज के खतरे को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया है।
डॉक्टरों के अनुसार, कुत्तों के काटने से होने वाले संक्रमण (जैसे रेबीज के वायरस या अन्य बैक्टीरिया) सीधे रक्तप्रवाह में मिल जाते हैं। ऐसे में किडनी का कार्य और भी संवेदनशील हो जाता है, क्योंकि उसे इन बाहरी विषाक्त पदार्थों को मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकालने की भारी चुनौती का सामना करना पड़ता है।
राजाजीपुरम के निवासियों का कहना है कि, नगर निगम को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन 'एबीसी' कार्यक्रम केवल कागजों तक सीमित है। राजधानी के अन्य इलाकों जैसे जानकीपुरम और गोमती नगर में भी ऐसी घटनाएँ बढ़ी हैं। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम ने जल्द ही कुत्तों को पकड़ने का अभियान नहीं चलाया, तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर