लखनऊ के विकासनगर इलाके में 200 से 280 झोपड़ियां जलकर राख, दो बहनों की मौत
लखनऊ के विकासनगर इलाके में बुधवार की शाम को एक भीषण अग्निकांड होने की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि,इस घटना में सैकड़ों परिवारों की खुशियां और जीवन भर की जमा-पूंजी पल भर में खाक कर दी। यह मामला लोगो के बीच तेजी से हड़कप मचा रहा है। जिसको लेकर पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है।
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12:39 PM, Apr 16, 2026
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लखनऊ के विकासनगर इलाके में 200 से 280 झोपड़ियां जलकर राख सौ0 bma7.in
उत्तर प्रदेश। लखनऊ के विकासनगर इलाके में बुधवार की शाम को एक भीषण अग्निकांड होने की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि,इस घटना में सैकड़ों परिवारों की खुशियां और जीवन भर की जमा-पूंजी पल भर में खाक कर दी। यह मामला लोगो के बीच तेजी से हड़कप मचा रहा है। जिसको लेकर पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है।
हादसे में 200 से 280 झोपड़ियां राख
आग इतनी भयानक थी कि, देखते ही देखते लगभग 200 से 280 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार प्रभावित लोगों की संख्या 1,000 से अधिक है।आग बुझाने के दौरान झोपड़ियों में रखे 30 से ज्यादा छोटे एलपीजी सिलेंडर एक के बाद एक धमाकों के साथ फटे गए। जिससे आग ने और भी विकराल रूप ले लिया और चोरो ओर सिर्फ तबाही ही तबाही दिखाई देने लगी।
खुले आसमान के नीचे लोगो का गुजारा
इस हादसे में दो मासूम बहनों की जान जाने की दुखद खबर सामने आई है। पीड़ित परिवारों का सब कुछ जल चुका है जैसे कि,राशन, कपड़े और बरसों की मेहनत से जोड़े गए पैसे।बेघर हुए बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे रात भर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर रहे। पीड़ितों का रो-रोकर बुरा हाल है क्योंकि उनके पास अब सिर छिपाने की भी जगह नहीं बची है।
बच्चों और शिक्षा की चिंता
आग में घर के सामान के साथ-साथ बच्चों की किताबें, स्कूल बैग और यूनिफॉर्म भी जल गए हैं। स्कूल जाने वाली बच्चियों और बच्चों के सामने अब अपनी पढ़ाई जारी रखने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है, जिसकी चिंता उनके चेहरों पर साफ देखी जा सकती है।
प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को ढांढस बंधाया और राहत कार्यों का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों के लिए अस्थाई आश्रय और भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
मुआवजे की घोषणा और प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में अग्निकांड और अन्य आपदाओं से प्रभावित लोगों के लिए 46.28 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी की है। इसमें से विशेष रूप से 6.32 करोड़ रुपये केवल अग्निकांड पीड़ितों के लिए आवंटित किए गए हैं।
मृतकों के परिजनों को सहायता
इसी तरह की अन्य दुखद घटनाओं के आधार पर, मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का प्रावधान किया है। राजस्व विभाग की प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि राहत राशि का वितरण 24 से 48 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए।
स्थानीय राहत और पुनर्वास
विकासनगर इलाके के पास प्रशासन द्वारा अस्थाई शेल्टर बनाए गए हैं जहाँ भोजन और चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है।जिनके पास राशन कार्ड या पहचान पत्र जल गए हैं, उनके लिए मौके पर मौजूद राजस्व विभाग के अधिकारी सूची तैयार कर रहे हैं ताकि उन्हें दोबारा सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर