लखनऊ समेत 32 जिलों में भयंकर गर्मी, लू की चेतावनी जारी
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ ने प्रदेश के 32 जिलों के लिए लू की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 2026 तक इस चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। जिसको लेकर लोगो का गर्मी से हाल बेहाल हो गया है।
uttar pradesh
2:44 PM, Apr 22, 2026
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लखनऊ समेत 32 जिलों में भयंकर गर्मी, लू की चेतावनी जारी सौ0 bma7.in
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ ने प्रदेश के 32 जिलों के लिए लू की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 2026 तक इस चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। जिसको लेकर लोगो का गर्मी से हाल बेहाल हो गया है।
तापमान का हाल
मंगलवार को बांदा 44.2°C के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। सुल्तानपुर में पारा 43.4°C और प्रयागराज में 43.2°C दर्ज किया गया। प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, और लखनऊ समेत कई जिलों में दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 26 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे 27 अप्रैल के बाद बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आ सकती है।
इन जिलों में विशेष सावधानी
मौसम विभाग ने लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, अमेठी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, जौनपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा, झांसी, हमीरपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही, चंदौली,गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच जैसे जिलो के अलर्ट जारी किया है।
लोगो को हो रही पेरशनियां
बढ़ते तापमान के कारण अस्पतालों में हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और आंखों में जलन की समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग सबसे अधिक जोखिम में हैं।अधिक गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ गई है, जिससे ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड होने से वे फुंक रहे हैं। लखनऊ जैसे शहरों में रात भर बिजली गुल रहने से लोगों की नींद हराम हो रही है और बिजली न होने से पानी की आपूर्ति भी बाधित हो रही है।
दैनिक मजदूरी और काम पर असर
खेतों में काम करने वाले किसान और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की आय में भारी गिरावट आई है क्योंकि वे दोपहर की चिलचिलाती धूप में काम नहीं कर पा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भीषण गर्मी के दौरान अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों की कमाई में 40% तक की कमी आ सकती है।
आगजनी की घटनाएं
बताया जा रहा हे कि,चिलचिलाती धूप और शुष्क मौसम के कारण प्रदेश में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। हाल ही में गाजियाबाद के एक बाजार में 20 दुकानें जल गईं और मेरठ व लखनऊ में चलती बसों में आग लगने की खबरें ज्यादा आई हैं।
पर्यटकों और यात्रियों को परेशानी
आगरा में ताज महल देखने आए कई पर्यटक गर्मी के कारण बेहोश हो गए और बीमार पड़ गए हैं। सड़कों पर गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय आवाजाही बेहद कम हो गई है।
स्कूली बच्चो पर बुरा प्रभाव
भीषण गर्मी और लू का स्कूली बच्चों पर गहरा और चिंताजनक प्रभाव पड़ रहा है। बच्चे गर्मी के प्रति वयस्कों की तुलना में अधिक संवेदनशील होते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को नुकसान पहुँच रहा है। बच्चों का शरीर वयस्कों की तरह तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता, जिससे उन्हें जल्दी डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक का खतरा होता है।स्कूलों में बच्चों में चक्कर आना, बेहोशी, सिरदर्द, मतली और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं।
खेल-कूद पर पाबंदी
भीषण गर्मी में बच्चों की सोचने और सीखने की क्षमता कम हो जाती है। कक्षा में उच्च तापमान होने पर वे पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते।गर्मी के कारण बच्चों की बाहरी गतिविधियाँ और खेल बंद कर दिए गए हैं, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। गर्मी के कारण बीमार होने या लू के डर से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम हो रही है।
सरकार द्वारा उठाए गए कदम
गर्मी के इन बुरे प्रभावों को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 20 अप्रैल 2026 से कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों का समय बदलकर सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया गया है।लखनऊ और प्रयागराज जैसे जिलों में कक्षाएं दोपहर 12:00 बजे ही खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं।स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों को धूप में प्रार्थना सभा या खेल-कूद के लिए बाहर न ले जाएं।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर