वसुधा फिर बनी चौहान ग्रुप की ब्रांड एंबेसडर,चंद्रिका क्या मानेगी या फिर नहीं
देव और वसुधा की शादीशुदा जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा हो रही है। सीरियल वसुधा में दिखाया गया है कि, कैसे एक छोटे से गांव से आई हुई लड़की वसुधा अपनी अच्छाई, मेहनत और ईमानदारी से चौहान घर में अपनी जगह बनती है और चौहान है के बड़े बेटे देव देव से प्यार करती है और उससे शादी कर लेती है वही सीरिसल वसुधा में इस समय दिखाया जा रहा है कि, चंद्रिका वसुधा को अपने घर की बहू बनाने को तैयार नहीं है
lucknow
6:48 PM, Mar 2, 2026
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photo by- google
उत्तर प्रदेश। देव और वसुधा की शादीशुदा जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा हो रही है। सीरियल वसुधा में दिखाया गया है कि, कैसे एक छोटे से गांव से आई हुई लड़की वसुधा अपनी अच्छाई, मेहनत और ईमानदारी से चौहान घर में अपनी जगह बनती है और चौहान है के बड़े बेटे देव देव से प्यार करती है और उससे शादी कर लेती है वही सीरिसल वसुधा में इस समय दिखाया जा रहा है कि, चंद्रिका वसुधा को अपने घर की बहू बनाने को तैयार नहीं है लेकिन देव और वसुधा घर वालों के साथ मिलकर पूरी कोशिश कर रहे हैं कि चंद्रिका वासना को अपनी बहू के रूप में स्वीकार कर ले। लेकिन जब भी देव और वसुधा कोशिश करते हैं तब हमेशा वह फेल हो जाते है क्योंकि, चंद्रिका वसुधा को प्यार तो बहुत करती है और उसे अपनी बेटी भी मानती है लेकिन उसे अपने घर की बहू करने को तैयार नहीं है।
वुसधा चंद्रिका को प्यारी फिर क्यों नही बहू बनाने के लायक
चंद्रिका ने अपनी बहू के रूप में अपने मन में छवि बनाई थी जो कि, वसुधा बिल्कुल नहीं है। वसुधा कम पढ़ी-लिखी एक गांव की लड़की है। जिसे चंद्रिका कभी भी देव की पत्नी के रूप में नहीं देखना चाहती है। वसुधा और देव ने जो प्लान बनाया था कि, वह एक — दूसरे से लड़ने का नाटक करेंगे और डिवोर्स तक बात पहुंचाएंगे ताकि,चंद्रिका को यह सब बर्दाश्त ना हो और वह वसुधा को अपने घर की बहू के रूप में स्वीकार कर ले। क्योंकि, चंद्रिका को साफ-साफ पता है कि, वसुधा एक साफ दिल की सच्ची और ईमानदार लड़की है उसने हमेशा चौहान घर के लिए अपनी जान तक को दाव पर लगाया है वसुधा हमेशा चौहान घर के लिए हमेशा अच्छा ही करती है। जिसकी वजह से चंद्रिका के दिल में वसुधा के लिए खास जगह है।चंद्रिेका कभी भी किसी औरत के साथ गलत होते हुए नहीं देख सकती, जिसकी वजह से इन लोगों ने प्लान बनाया था कि, चंद्रिका खुद से ही वसुधा को बहू मान ले। लेकिन ऐसा कुछ नहीं होता है। चंद्रिका को प्लान के बारे में सब कुछ मालूम हो जाता है । उसके बाद चंद्रिका सबके सामने कहती है कि,वसुधा देव सिंह चौहान की पत्नी तो बन सकती है लेकिन चौहान घर की बड़ी बहू कभी नहीं बन सकती है। हम कभी भी वसुधा को इस घर की बहू के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे ।
देव वसुधा की तरह रहकर खुद को कर रहा सबित
वसुधा चंद्रिका की बातो का सुनकर बहुत ही दुखी हो जाती है।उसके बाद वह रोते-रोते चली जाती है। वसुधा के पिता हनुमंत को इन सब बातों का बहुत ही बुरा लगता है। फिर जब देव वसुधा के घर पर वसुधा से बात करने आता है तो। देव के पिता उसको मना कर देते हैं और कहते हैं कि,आखिर मेरी बेटी की क्या गलती है कि, हर बार उसको सबके सामने अपमानित होना पड़ता है ।अब बहुत हो गया है, अब आप मुझे और मेरी बेटी को अकेला छोड़ दीजिए। मुझे तो यही लगता है कि, आप मेरी बेटी के लायक ही नहीं है। अगर आप सच में मेरी बेटी से प्यार करते हैं तो साबित करके दिखाइए। वरना मेरी बेटी से हमेशा — हमेशा के लिए दूर हो जाएये। तब देव कहता है कि, आप जैसा चाहते है वैसा ही होगा मैं आपको साबित करके बताऊंगा कि, मैं वसुधा का पति होने के लायक हूं। फिर देव वसुधा की तरह जिंदगी जीता है वसुधा की तरह देव भी जमीन पर खाता है जमीन पर सोता है। देव भेल कंपनी का सीईओ है लेकिन अपने दैनिक जीवन में सारे कार्य नौकरों वालों की तरह करता हैं इन सब हरकतों को देखकर चंद्रिका जब देव से पूछता है कि,यह सब तुम क्या कर रहे हो। तब देव कहता है कि, जब मेरी पत्नी नौकरानी की तरह रह सकती है तब मैं क्यों नहीं रह सकता हूं।
वसुधा फिर बनेगी ब्रांड एंबेसडर
वसुधा हमेशा चंद्रिका को भगवान के रूप में पूजती है उसके लिए चंद्रिका का कहां हुआ एक-एक शब्द पत्थर की लकीर है जब ब्रांड एंबेसडर के लिए नंदिनी को चुना गया था। तब वसुधा ने नंदिनी को ब्रांड मास्टर के रूप में रखने के लिए खुद को बुरा साबित किया था कि, कंपनी को लॉस ना हो। लेकिन जब नंदिनी दो-तीन महीने के लिए देश से बाहर गई हुई थी और वसुधा की जरूरत थी चंद्रिका को तब उसने मना कर दिया। चंद्रिका ने कहा कि, अब वह बदल गई है उसे घमंड आ गया। क्योंकि अब उसके पीछे देव जो खड़ा है। देव कंपनी का सीईओ है तो हमारी बात क्यों मांगी, लेकिन जब देव वसुधा से बात करता है। तब उसको पता चलता है कि , वसुधा किसी का हक नही लेना चाहती है और उसने जो कुछ दिनो पहले सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया। जिससे जनता के दिल में वसुधा की जो जगह थी। वह खराब हो गई। इसलिए वसुधा यह सब नहीं कर रही है। लेकिन देव से कहता है कि,तुम यह सब मत सोचा मां जैसा कहती है। तुम वैसा ही करो। उसके बाद वसुधा हां बोल देती है। अब देखने वाली बात तो यह होगी कि,वसुधा अपनी अच्छाई और ईमानदारी से चंद्रिका का दिल जीत पाती है या फिर वह ऐसे ही रह जाती है।
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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर