अमेरिका और इज़रायल के सैन्य अभियान में यूके, फ़्रांस और जर्मनी ईरान के खिलाफ शामिल
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल के सैन्य अभियान में यूके, फ्रांस और जर्मनी की भूमिका के संबंध में महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं। बताया जा रहा है कि,यूके, फ्रांस और जर्मनी ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान के मिसाइल हमलों के खिलाफ "रक्षात्मक कार्रवाई" करने की तैयारी घोषित की है।
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5:42 PM, Mar 2, 2026
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उत्तर प्रदेश। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल के सैन्य अभियान में यूके, फ्रांस और जर्मनी की भूमिका के संबंध में महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं। बताया जा रहा है कि,यूके, फ्रांस और जर्मनी ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान के मिसाइल हमलों के खिलाफ "रक्षात्मक कार्रवाई" करने की तैयारी घोषित की है।
सैन्य अड्डों का उपयोग
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ रक्षात्मक हमलों के लिए यूके के सैन्य अड्डों के उपयोग की अनुमति दे दी है। हालांकि, जर्मनी ने स्पष्ट किया है कि, वह सीधे सैन्य हमलों में शामिल नहीं होगा।
युद्ध की अवधि
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह सैन्य अभियान "तब तक जारी रहेगा जब तक सभी उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते" और इसमें चार सप्ताह या उससे कम समय लग सकता है। हालांकि, ईरान द्वारा क्षेत्रीय स्तर पर किए जा रहे जवाबी हमलों और हिजबुल्लाह की भागीदारी से संघर्ष के लंबा खिंचने और फैलने का खतरा बढ़ गया है।
प्रमुख घटनाएँ
सूत्रो के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को हुए शुरुआती हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर आई है, जिसके बाद ईरान ने सऊदी अरब, यूएई, कतर और कुवैत जैसे क्षेत्रीय देशों पर जवाबी मिसाइल हमले किए हैं।इस संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी बड़ा असर पड़ा है।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर