ब्रेकिंग न्यूज़

UP- हरियाणा के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में धोखाधड़ी, मास्टरमाइंड बैंक मैनेजर सहित चार लोग गिरफ्तार

UP- भोपाल की लड़कियों से बार-बार दुष्कर्म, अहमदाबाद-मुंबई का कनेक्शन, हिंदू युवतियों का शोषण

UP- संसद के संबोधन में बोले डोनाल्ड ट्रंप, हम ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने देंगे

UP- दिलचस्प हैं ग्रुप-2 के समीकरण, क्या सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर सकता है पाकिस्तान?

UP- नीले ड्रम हत्याकांड में नया खुलासा, नौ साल पहले ही बाप-बेटे में दरार, मानवेंद्र का दूसरी महिला से रिश्ता

UP- इस्राइल रवाना होने से पहले पीएम मोदी के बोल, दोनों देशों के बीच मजबूत और रणनीतिक साझेदारी

UP - लखनऊ मेंपढ़ाई के दबाव की वजह से बेटे ने की बाप की हत्या

UP - लखनऊ में गुटखे के प्रचार को लेकर हाईकोर्ट सख्त

UP - लखनऊ में लविवि में जर्जर बारादरी मामले में एक बार फिर माहौल गरमाया

UP - बंगाल एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट का अहम आदेश

DELHI - दिल्ली में विमान की आपात लैंडिंग

UP- मेरठ में कपड़ा कारोबारी का मकान बना आग का गोला, तीन बच्चों समेत छह की मौत

DELHI- रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुई एयर एम्बुलेंस क्रैश, मरीज सहित सात लोगों की मौत

UP- बाप को उतारा मौत के घाट, ड्रम में मिला धड़, कारोबारी हत्याकांड से मचा हड़कंप

UP- एआई प्रदर्शन में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार, आठ आरोपी लगे पुलिस के हाथ

DELHI- दिल्ली में क्या चिंगारी दिखने पर इमरजेंसी लैंडिंग, उतारनी पड़ी 150 यात्रियों वाली उड़ान

UP - चंदौली में टैंकर और पिकअप की आमने-सामने टक्कर,हड़कप मचा

UP - पुलिस के काशी पहुंचने पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले- कहीं भाग नहीं रहा हूं, पूरा सहयोग करूंगा

UP - सीएम योगी सिंगापुर दौरे पर

UP- दिल्ली शहर में उतर गई मेट्रो, नमो भारत और मेरठ मेट्रो का शुरू संचालन

UP- पंजाब के गुरदासपुर में सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस में तैनात दो जवानों की हत्या से उठे सवाल

UP- अमेरिका का मोस्ट वांटेड, मैक्सिको के सबसे खूंखार ताकतवर ड्रग कार्टेल की मौत

UP- नेपाल में यात्रियों की बस नदी में जा गिरी, 18 लोगों की मौत, विदेशी पर्यटक भी थे सवार

UP- दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत को 76 रनों से मिली हार, टीम मैनेजमेंट पर उठे सवाल

UP- कौशल विकास में खुलेंगे निवेश के द्वार, कई कंपनियां उत्सुक

UP- चांदी की कीमतों में 14500 रुपये की बढोत्तरी, सोना की कीमत बढकर हुई 1.60 लाख

UP - गोरखपुर में नाबालिग छात्रा को बदनाम करने की धमकी

UP - गोरखपुर में पिकअप की ठोकर से बाइक सवार छात्र की मौत

UP - वाराणसी में 10 मिनट की देरी से पहुंची छात्रा का छूट गया पेपर

UP - वाराणसी में एमएस ने एमसीएच विंग से बाहर फिंकवाईं जांच किट

UP - वाराणसी में काठियावाड़ी कुर्ता और मुंडू में महादेव, बांधनी-पटोला में सजेंगी मां गौरा

UP - वाराणसी में मंडलीय शाक भाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में दिखी उन्नत खेती की तस्वीर

UP - वाराणसी में दालमंडी में व्यापारियों से मिलने जा रही सपा नेत्री पूजा यादव को पुलिस ने किया गिरफ्तार

UP - स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अदालत के आदेश का स्वागत किया

UP - विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में हो सकता है बड़ा राजनीतिक बदलाव

TAMIL NADU - तमिलनाडु से पकड़े गए छह संदिग्ध, ISI और बांग्लादेश के आतंकी संगठनों से जुड़े तार

बड़ी खबर/न्यूज़/ugc notification crack in bjp s social engineering

यूजीसी नोटिफिकेशन : भाजपा की सामाजिक इंजीनियरिंग में दरार?

केंद्र सरकार द्वारा जारी यूजीसी का नया नोटिफिकेशन अब केवल शिक्षा सुधार का दस्तावेज़ नहीं रहा, बल्कि यह भाजपा की राजनीतिक समझ और सामाजिक संतुलन की अग्नि-परीक्षा बन चुका है। जिस नीति को “समानता” के नाम पर पेश किया गया, वही आज सवर्ण समाज की नजर में भेदभाव का औज़ार बनती दिख रही है।सवाल यह नहीं है कि दलित-पिछड़े वर्गों को अवसर मिलना चाहिए या नहीं—सवाल यह है कि क्या सरकार एक वर्ग को साधने के चक्कर में द

lucknow

1:39 PM, Jan 27, 2026

Share:

यूजीसी नोटिफिकेशन : भाजपा की सामाजिक इंजीनियरिंग में दरार?
logo

लखनऊ यूनिवर्सिटी के गेट पर यूजीसी कानून का विरोध करते छात्र फोटो सौ.bma7

Latest खबरों के लिए फॉलो करें:

Yt Icon

उत्तर प्रदेश । लखनऊ विश्वविद्यालय में यूजीसी को लेकर छात्रों के जोरदार प्रदर्शन से अब विरोध और प्रबल होता जा रहा है। सैकड़ों की संख्या में छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर धरने पर बैठे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने UGC के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। छात्रों का कहना है कि UGC के हालिया फैसलों से उनकी पढ़ाई और भविष्य पर असर पड़ रहा है। मौके पर भारी संख्या में छात्र मौजूद रहे, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

यूजीसी भाजपा के लिए 2027 की अग्निपरीक्षा

केंद्र सरकार द्वारा जारी यूजीसी का नया नोटिफिकेशन अब केवल शिक्षा सुधार का दस्तावेज़ नहीं रहा, बल्कि यह भाजपा की राजनीतिक समझ और सामाजिक संतुलन की अग्नि-परीक्षा बन चुका है। जिस नीति को “समानता” के नाम पर पेश किया गया, वही आज सवर्ण समाज की नजर में भेदभाव का औज़ार बनती दिख रही है।सवाल यह नहीं है कि दलित-पिछड़े वर्गों को अवसर मिलना चाहिए या नहीं—सवाल यह है कि क्या सरकार एक वर्ग को साधने के चक्कर में दूसरे को नाराज़ करने का जोखिम उठा रही है?

सवर्ण असंतोष : खामोशी से उबलता आक्रोश का लावा

भाजपा के लिए सबसे चिंता की बात यह है कि विरोध किसी राजनीतिक दल के मंच से नहीं, बल्कि समाज के भीतर से उठ रहा है। शिक्षित युवा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र और मध्यम वर्ग—जो अब तक भाजपा की रीढ़ माने जाते रहे—आज खुलकर सवाल पूछ रहे हैं।यह वही वर्ग है जिसने नोटबंदी, जीएसटी और अग्निवीर जैसी नीतियों पर भी लंबे समय तक धैर्य रखा। लेकिन यूजीसी नोटिफिकेशन ने उनके भीतर यह भावना पैदा कर दी है कि “मेरिट अब संदेह के घेरे में है”।

उत्तर प्रदेश : जहां चिंगारी आग बन सकती है

उत्तर प्रदेश में यह मुद्दा साधारण नहीं है। यहां सवर्ण वोटर कई लोकसभा और विधानसभा सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। 2027 का विधानसभा चुनाव दूर नहीं है, और विपक्ष इस असंतोष को हवा देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।यदि यह संदेश ज़मीन तक गया कि “भाजपा सरकार सवर्ण समाज की सुनवाई नहीं कर रही,” तो इसका सीधा असर मतदान व्यवहार पर पड़ सकता है। राजनीतिक इतिहास गवाह है कि जब सामाजिक असंतोष चुनावी मुद्दा बनता है, तो सत्ता की कुर्सी डगमगाने लगती है।

केंद्र सरकार की चुप्पी: रणनीति या चूक?

अब तक केंद्र सरकार की ओर से न तो ठोस सफाई आई है और न ही कोई भरोसेमंद संवाद। यही चुप्पी आज सबसे बड़ा राजनीतिक जोखिम बनती जा रही है।भाजपा की ताकत हमेशा रही है—सामाजिक संतुलन और स्पष्ट संदेश। लेकिन यूजीसी नोटिफिकेशन के मामले में सरकार का संदेश अस्पष्ट है और असंतोष स्पष्ट।यूजीसी का यह नोटिफिकेशन भाजपा के लिए नीतिगत नहीं, राजनीतिक समस्या बन चुका है।अगर सरकार समय रहते संवाद, संशोधन या स्पष्ट दिशा नहीं देती, तो यह मुद्दा केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा—यह चुनावी मंचों और मतदान पेटियों तक पहुँचेगा।भाजपा को यह तय करना होगा कि वह सामाजिक संतुलन की राजनीति करेगी या वर्गीय असंतोष की कीमत चुकाएगी।

Img

यूजीसी कानून के खिलाफ भाजपा पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक स्तीफा bma7.in

UGC संशोधन की मांग को लेकर  लखनऊ  भाजपा के कुम्हरावा मंडल महामंत्री अंकित तिवारी ने अपने दस पदाधिकारियों के साथ सामूहिक रुप से स्तीफा दे दिया। उनका यह स्तीफा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्या ने बताया कि अभीतक लिखित तौर पर कोई स्तीफा उनके पास नही पहुंचा है।भाजपा के कुम्हरावा मंडल महामंत्री अकिंत तिवारी ने कहा है कि,वह 20 साल से भाजपा की सेवा कर रहे है। लेकिन यह यूजीसी कानून उनको और उनके साथियों को मंजूर नही है। उनका विरोध इस नए कानून से है। इस यूजीसी कानून को संशोधन करके लागू किया जाए। उनके साथ मंडल मंत्री,शक्ति केन्द्र संयोजक,युवा मोर्चा के पदाधिकारी,बूथ अध्यक्ष और पूर्व सेक्टर संयोजक भी स्तीफा दे रहे है। जिसमें आलोक सिंह,महावीर सिंह,मोहित मिश्रा,नीरज पाण्डेय,राज विक्रम सिंह,अनिषेक अवस्थी,विवेक सिंह,कमल सिंह शामिल है।

राज प्रताप सिंह

लेखक के बारे में

राज प्रताप सिंह

वरिष्ठ संवाददाता

सम्बंधित खबर

विज्ञापन

विज्ञापन

Logo

Office Address:Bargadi Magath BKT, Lucknow, (227202)

Contact Us :+91 9415122881

Email:bmaassociation24@gmail.com

Subscribe Now
Youtube

BMA7

Follow Us

Design and Developed by SpriteEra IT Solutions Pvt. Ltd.
© Copyright BMA7 2025. All rights reserved.