रंगदारी से परेशान रिश्तेदारों ने की युवक की हत्या, नशे की हालत में कनपटी पर मारी गोली
सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में हुए सचिन यादव (उर्फ कालिया) हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 30 वर्षीय सचिन का शव 3 मई 2026 को अवध विहार योजना के सेक्टर-8 में एक निजी स्कूल के पीछे खाली प्लॉट से बरामद हुआ था। पुलिस जांच में यह एक सोची-समझी साजिश का परिणाम निकला।
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2:02 PM, May 7, 2026
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लखनऊ पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझाया सचिन यादव हत्याकांड सौ0 bma7.in
लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में हुए सचिन यादव (उर्फ कालिया) हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 30 वर्षीय सचिन का शव 3 मई 2026 को अवध विहार योजना के सेक्टर-8 में एक निजी स्कूल के पीछे खाली प्लॉट से बरामद हुआ था। पुलिस जांच में यह एक सोची-समझी साजिश का परिणाम निकला।
पुलिस के अनुसार, सचिन यादव एक हिस्ट्रीशीटर था और इलाके में उसकी काफी दहशत थी। मुख्य आरोपी (जो सचिन का परिचित और रिश्ते में साला लगता था) एक दुकान चलाता था। सचिन अक्सर उसकी दुकान पर जाकर जबरन फ्री में सामान ले जाता था और डरा-धमकाकर पैसों की वसूली (रंगदारी) करता था। सचिन की इन हरकतों से परेशान होकर साले ने अपने जीजा के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
3 मई को आरोपियों ने सचिन को पार्टी करने के बहाने सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में बुलाया। वहां तीनों ने मिलकर शराब और मुर्गा पार्टी की । जब सचिन अत्यधिक नशे में धुत हो गया, तो आरोपियों ने मौका पाकर सचिन के ही अवैध तमंचे से उसकी कनपटी पर गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी शव को झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए।सचिन के परिवार के लिए यह दूसरी बड़ी घटना है। करीब 6 महीने पहले दीपावली के दौरान उसके छोटे भाई सोनू यादव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय पुलिस ने पुरानी रंजिश के एंगल से जांच की थी और सचिन के पिता अभी भी उसी मामले में जेल में बंद हैं।
डीसीपी दक्षिणी अमित कुमार आनंद और एसीपी ऋषभ यादव के निर्देशन में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले का अनावरण किया। पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुँचने में सफलता प्राप्त की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त हथियार और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।सचिन के खिलाफ पीजीआई समेत कई थानों में मारपीट, जानलेवा हमला और गुंडा एक्ट जैसे 6 से अधिक मुकदमे दर्ज थे और वह महज दो हफ्ते पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर