गंगा में डूबने से तीन युवकों की मौत,डीएम-एसपी ने ढांढस बंधाते हुए मुआवजे का दिया आश्वासन
रायबरेली के सरेनी थाना क्षेत्र में गंगा नदी में स्नान करने गए तीन युवकों की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है। मृतकों की पहचान ग्राम रानीखेड़ा के निवासी 22वर्षीय हरिओम, 16 वर्षीय हरिशंकर और 26 वर्षीय सत्येंद्र के रूप में हुई है। वहीं, एक अन्य युवक हिमांशु को गंभीर अवस्था में बचा लिया गया है, जिसका उपचार वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (
rae bareli
5:08 PM, Apr 24, 2026
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डीएम व एसपी ने जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवारों से की मुलाकात सौ0 bma7.in
उत्तर प्रदेश । रायबरेली के सरेनी थाना क्षेत्र में गंगा नदी में स्नान करने गए तीन युवकों की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है। मृतकों की पहचान ग्राम रानीखेड़ा के निवासी 22वर्षीय हरिओम, 16 वर्षीय हरिशंकर और 26 वर्षीय सत्येंद्र के रूप में हुई है। वहीं, एक अन्य युवक हिमांशु को गंभीर अवस्था में बचा लिया गया है, जिसका उपचार वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सरेनी में चल रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रानीखेड़ा गांव के रहने वाले ये युवक गंगा नदी के तट पर स्नान करने पहुंचे थे। नहाते समय अचानक पैर फिसलने या पानी की गहराई का अंदाजा न मिल पाने के कारण चारों युवक डूबने लगे। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों और गोताखोरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद चारों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक तीन की सांसें थम चुकी थीं। हिमांशु की हालत नाजुक देख उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर उसकी जान बचाने के प्रयास में जुटे हैं।घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार तत्काल जिला अस्पताल रायबरेली पहुंचे। अधिकारियों ने वहां मौजूद पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। परिजनों के विलाप से अस्पताल परिसर का माहौल गमगीन हो गया। डीएम और एसपी ने शोकाकुल परिजनों का हाथ थामकर उन्हें ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि दुख की इस घड़ी में पूरा प्रशासन उनके साथ खड़ा है।
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने घटना का लिया संज्ञान सौ0 bma7.in
आर्थिक सहायता और मुआवजे का निर्देश
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा निर्धारित राहत राशि और मुआवजे की फाइल अविलंब तैयार की जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि मुआवजे के वितरण में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़ितों को शीघ्र अति शीघ्र सहायता प्रदान की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने घटना स्थल का जायजा लेने के साथ-साथ स्थानीय पुलिस को निर्देशित किया कि नदी के खतरनाक घाटों पर निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने ग्रामीणों और युवाओं से भी अपील की है कि वे बरसात के मौसम या उफनती नदी में गहरे पानी की ओर न जाएं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि, सुरक्षा मानकों की अनदेखी ऐसे हादसों का कारण बनती है, इसलिए आत्म-सतर्कता बेहद जरूरी है।
गांव में पसरा सन्नाटा
रानीखेड़ा गांव में जैसे ही तीनों युवकों के शव पहुंचे, वहां कोहराम मच गया। एक ही गांव के तीन होनहार युवाओं के चले जाने से हर आंख नम है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये युवक परिवार का सहारा थे और उनके चले जाने से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन की ओर से की गई त्वरित मदद के आश्वासन ने पीड़ितों को थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन इस शून्य को भर पाना नामुमकिन है।प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि घायल हिमांशु को बेहतर इलाज मिले और मृतकों का अंतिम संस्कार गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाए।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर