गोमती नदी के पानी में उतराई हजारों मरी मछलियां
उत्तर प्रदेश।लखनऊ में बख्शी का तालाब इलाके के इटौंजा थाना क्षेत्र में सोमवार को गोमती नदी के पानी में हजारों मरी हुई मछलियां उतराती नजर आयी। वैसे तो बहादुरपुर ओर हीरापुरवा गांव के पास गोमती नदी के किनारे मछलियों के मरने का सिलसिला सोमवार से जारी था। लेकिन सोमवार को जब ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया तो हड़कम्प मच गया। अपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी देख रहे एडीएम राजस्व राकेश
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6:55 PM, Mar 23, 2026
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गोमती के पानी में मर गई हजारों मछलियां,उतराई by bma7.in
उत्तर प्रदेश।लखनऊ में बख्शी का तालाब इलाके के इटौंजा थाना क्षेत्र में सोमवार को गोमती नदी के पानी में हजारों मरी हुई मछलियां उतराती नजर आयी। वैसे तो बहादुरपुर ओर हीरापुरवा गांव के पास गोमती नदी के किनारे मछलियों के मरने का सिलसिला सोमवार से जारी था। लेकिन सोमवार को जब ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया तो हड़कम्प मच गया। अपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी देख रहे एडीएम राजस्व राकेश कुमार सिंह ने कहा कि,संभवता जल प्रदूषण की वजह से मछलियों की मौत हो रही है।
प्रदूषण से मरी मछलियों को आवारा कुत्ते खाते देखे गए
हीरापुरवा निवासी नारेन्द्र यादव ने बताया कि,मछलियों के मरने की जानकारी आवारा कुत्तों के मुंह में मछलियां देखे जाने से हुई। जब कई आवारा कुत्ते अपने मुंह में रविवार की दोपहर बड़ी बड़ी मछलियों का दबाए गांव के किनारे खाते देखे गए। कुछ युवकों ने मछलियां लेकर आ रहे कुत्तों की दिशा में जाकर देखा तो गोमती के पानी में मछलियां उतरा रही थी। इसके बाद ग्रामीणों के द्वारा पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
दीपक शुक्ला तिरंगा महाराज ने कहा जीवन दायिनी गोमती हो रही प्रदूषित
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सोमवार को समाजसेवी दीपक शुक्ला तिरंगा महराज के माध्यम में 112 और इटौंजा पुलिस को सूचित किया। इटौंजा पुलिस को इसकी लिखित शिकायत दी गई। तब जाकर जिम्मेदार अधिकारी हरकत में आए। फिलहाल इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड और मत्सय विभाग को जांच के निर्देश दिए।
लखनऊ शहर के लिए जीवनदायिनी है गोमती
गोमती नदी लखनऊ का मुख्य जलश्रोत है। ऐशबाग,बालागंज और गौघाट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए गोमती का पानी शोधित करके शहर की 60 से 70 फीसदी आबादी का सप्लाई किया जाता है। इसमें प्रमुख तौर पर पुराने लखनऊ के चौक,अमीनाबाद,हरदोई रोड़ के साथ साथ ट्रान्स गोमती के क्षेत्र अलीगंज निशातगंज को भी गोमती से ही पानी मिलता है।ऐसे में सवाल यह उठता है कि,अगर मुख्य जल श्रोत ही प्रदूषित होगा तो कहां तक वाटर ट्रीटमेंट प्लाट पानी को साफ कर सकेगा।

लेखक के बारे में
अनिल कुमार सिंह
वरिष्ठ संवाददाता