लखनऊ की बख्शी का तालाब तहसील परिसर में आधी आबादी की शौचालय व्यवस्था बदतर
दर नायब तहसीलदार,लेखपाल के साथ कई महिला अधिकारी विभिन्न विभागों में तैनात है। महिला अधिवक्ता के साथ दिन भर रजिस्टार कार्यालय से लेकर एसडीएम,तहसीलदार और चकबंदी कोर्ट व कार्यालय तथा सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस में बड़ी संख्या में महिलाओं का आना जाना रहता है। इन महिलाओं को कामकाज के दौरान शौचालय की सबसे बड़ी समस्या होती है।लेकिन यहां पर महिला शौचालय का अभाव है। जो है उसका ताला कई वर्षो से खुला ही नही
lucknow
8:07 PM, Jan 14, 2026
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बक्शी का तालाब तहसील परिसर के अंदर ताले में बंद महिला शौचालय सौ0 bma 7
उत्तर प्रदेश। लखनऊ की बख्शी का तालाब तहसील परिसर के अंदर नायब तहसीलदार,लेखपाल के साथ कई महिला अधिकारी विभिन्न विभागों में तैनात है। महिला अधिवक्ता के साथ दिन भर रजिस्टार कार्यालय से लेकर एसडीएम,तहसीलदार और चकबंदी कोर्ट व कार्यालय तथा सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस में बड़ी संख्या में महिलाओं का आना जाना रहता है। इन महिलाओं को कामकाज के दौरान शौचालय की सबसे बड़ी समस्या होती है।लेकिन यहां पर महिला शौचालय का अभाव है। जो है उसका ताला कई वर्षो से खुला ही नही है।
तहसील परिसर में लिफ्ट की सुविधा ने बुजुर्गों और दिव्यांग को राहत
तहसील मुख्यालय बख्शी का तालाब परिसर में प्रशासन द्वारा कई कार्य करवाए गए है। जिनसे आम आदमी से लेकर यहां आने वाले अधिकारियों को काफी आसानी हो रही है। इसमें तहसील भवन में लिफट का संचालन जिससे बुजुर्ग और दिव्यांगों को काफी राहत मिली है। तहसील सभागार के पास ही एक शौचालय है जो मुख्यत:सम्पूर्ण समाधान दिवस के दिन ही केवल पुरुष उपयोग कर पाते है। सबसे अधिक परेशानी खड़ी होती है। महिलाओं के लिए इसमें वह चाहे महिला अधिकारी हो अथवा फरियादी उनके लिए शौचालय सुविधा की व्यवस्था अत्यंत शोचनीय है।यहां पर कुछ महिला अधिवक्ताओं और तहसील में अपनी समस्या के निस्तारण के लिए आने वाली महिलाओं से शोचालय समस्या को उठाया।
महिला अधिवक्ता संध्या श्रीवास्तव सौ0 bma7
महिला अधिवक्ता संध्या श्रीवास्तव कहती है कि,तहसील मे महिला अधिवक्ताओं के साथ कई महिला अधिकारी भी है। जैसे नायब तहसीलदार और नाजिर महिला अधिकारी ही है।इसके साथ बड़ी संख्या में महिला लेखपाल है। इसके साथ ही पूरे दिन भर में सौ से अधिक महिलाएं सब रजिस्टार कार्यालय, एसडीएम तहसील और नायब कार्यालय व कोर्ट आती है।लेकिन महिलाओं के लिए शौचालय नही है।
महिला प्रधान दरियापुर फूलमती सौ0 bma7
महिला प्रधान दरियापुर फूलमती कहती है कि,वह अक्सर तहसील अपनी ग्राम पंचायत से महिलाओं केा लेकर काम के लिए तहसील आती है।वह कहती है कि,हम महिलाओं को यहां पर शौचालय की सबसे अधिक समस्या होती है। एक महिला शौचालय है उस पर हमेशा ताला ही लटका रहता है।
महिला नेत्री कमला गौतम सौ0 bma7
महिला नेत्री कमला गौतम कहती है कि,तहसील में हररोज डेढ़ से दौ सौ महिलाएं विभिन्न कार्यो के लिए आती है। कई संगठनों के धरना—प्रदर्शन भी होते है।जिसमें एक बड़ी संख्या महिलाओं की होती है। जाड़ा है तो पेयजल का संकट नही है लेकिन शौचालय तो चाहिए। जो सरकारी सुलभ शौचालय बने है वह पूरी तरह से जर्जर हो चुके है। एक का बनने के बाद आजतक ताला ही नही खुला है।
ऐसी कोई शिकायत नही आयी
तहसीलदार बख्शी का तालाब शरद सिंह ने बताया कि,परिसर में कई शौचालय है जिनका प्रयोग किया जा रहा है।लेकिन वह महिला शौचालय की समस्या पर टाल गए। महिलाओं के लिए बनाए गए शौचालय पर ताला लटका होने की बात पर उन्होने ने बताया कि,सुलभ शौचालय तहसील परिसर के अंदर है। बाकी बंद शौचालय को खुलवाकर उसकी सफाई करवाई जाएगी। महिला शौचालय के सम्बंध में कोई शिकायत नही आयी कभी।

लेखक के बारे में
अनिल कुमार सिंह
वरिष्ठ संवाददाता