धरती चीर माफिया बेलगाम,विधायक योगेश शुक्ला की फटकार पर जागे SDM दो डम्पर सीज कर थपथपा रहे अपनी पीठ
बीकेटी तहसील क्षेत्र में धरती का सीना चीरकर किए जा रहे अवैध मिट्टी खनन का काला खेल आखिरकार उजागर हो गया है। बताया जा रहा है कि बीते कई दिनों से खनन माफिया रात के अंधेरे की आड़ में न सिर्फ निजी बल्कि सरकारी जमीनों को भी खुली लूट का निशाना बना रहे थे। सैकड़ों डंफर मिट्टी निकालकर निजी संस्थानों और निर्माण स्थलों तक पहुंचाई जा रही थी/
lucknow
5:30 PM, Jan 25, 2026
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एसडीम व पुलिस की छापेमारी में खनन में लिप्त दो डंफर सीज सौ0 bma7in
उत्तर प्रदेश।लखनऊ।बीकेटी तहसील क्षेत्र में धरती का सीना चीरकर किए जा रहे अवैध मिट्टी खनन का काला खेल आखिरकार उजागर हो गया है। बताया जा रहा है कि बीते कई दिनों से खनन माफिया रात के अंधेरे की आड़ में न सिर्फ निजी बल्कि सरकारी जमीनों को भी खुली लूट का निशाना बना रहे थे। सैकड़ों डंफर मिट्टी निकालकर निजी संस्थानों और निर्माण स्थलों तक पहुंचाई जा रही थी/
जब होने पर लगी बख्शी का तालाब तहसील प्रशासन की किरकिरी
लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे रहे।स्थानीय सूत्रों की मानें तो बीकेटी के कुम्हरावां इलाके में यह अवैध खनन कोई नया नहीं था। राजस्व विभाग को सब पता होने के बावजूद खामोशी ने लापरवाही ही नहीं, बल्कि मिलीभगत की आशंका को भी हवा दे दी है। वही शनिवार देर रात जब मामला ज्यादा बढ़ गया, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम और महिंगवा पुलिस ने संयुक्त रूप से कुम्हरावां क्षेत्र में छापेमारी कर खनन में लिप्त दो डंपरों को मौके से सीज कर दिया।अचानक हुई इस कार्रवाई से खनन माफिया और उनके संरक्षकों में हड़कंप मच गया।
विधायक की फटकार पर जागे सुस्त SDM साहिल कुमार साहिल कुमार
इस पूरे मामले पर बीकेटी एसडीएम साहिल कुमार ने बताया कि“कुम्हरावां क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना मिलने पर महिंगवा पुलिस के साथ तत्काल छापेमारी की गई। अवैध रूप से मिट्टी ढो रहे दो डंपरों को सीज किया गया है। जिसके बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। यदि सरकारी जमीन पर अवैध खनन या किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा संलिप्तता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
योगी राज में नौकरशाही बेअंदाज
वही स्थानीय लोगों की मांग है कि कार्रवाई केवल डंपर सीज करने तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे अवैध खनन सिंडिकेट और इसमें शामिल या आंख मूंदे बैठे अधिकारियों की निष्पक्ष और कठोर जांच कराई जाए।बख्शी का तालाब इलाके के इटौंजा,महिंगवा,बख्शी का तालाब और सैरपुर में पुलिस के साथ प्रशासन,लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और खनन विभाग तबतक कार्यवाही नही करते जबतक हाहाकार न मचे। साधारण व्यक्ति की बात सुनने को तैयार नही है अधिकारी,केवल जब अधिकारियों का फोन आया तो कुूछ हरकत दिखायी देती है।

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विशाल सिंह
रिपोर्टर