लखनऊ के हजरतगंज में सपा कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन
लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गाजीपुर की घटना के विरोध में गुरूवार को जोरदार प्रदर्शन किया।बताया जा रहा है कि,सपा कार्यकर्ताओं का यह गुस्सा गाजीपुर के कटारिया गांव में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल पर हुए पथराव के विरोध में फूटा है। वहां सपा नेता एक 16 वर्षीय किशोरी के हत्या मामले में पीड़ित परिवार से मिलने गए थे।
lucknow
2:10 PM, Apr 23, 2026
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लखनऊ के हजरतगंज में सपा कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन सौ0 bma7.in
उत्तर प्रदेश। लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गाजीपुर की घटना के विरोध में गुरूवार को जोरदार प्रदर्शन किया।बताया जा रहा है कि,सपा कार्यकर्ताओं का यह गुस्सा गाजीपुर के कटारिया गांव में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल पर हुए पथराव के विरोध में फूटा है। वहां सपा नेता एक 16 वर्षीय किशोरी के हत्या मामले में पीड़ित परिवार से मिलने गए थे।
छात्र और युवा सभा की भागीदारी
प्रदर्शनकारियों ने "बेटियों पर अत्याचार बंद करो" और "दोषियों को सजा दो" जैसे नारों के साथ भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला।इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से सपा छात्र सभा और युवा सभा के कार्यकर्ता शामिल थे। हंगामे के बीच हजरतगंज पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें बस में भरकर इको गार्डन धरना स्थल भेज दिया।
आरोपी को दी जाए कड़ी सजा
कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं कि गाजीपुर के कटारिया गांव में सपा प्रतिनिधिमंडल पर हमला करने वाले "सत्ता संरक्षित" दबंगों की पहचान कर उन्हें कड़ी सजा दी जाए। गंगा नदी में मिली 16 वर्षीय किशोरी निशा विश्वकर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है।
मेयर से माफी की मांग
सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे उनके नेताओं को पुलिस ने अलोकतांत्रिक तरीके से रोका और उनके साथ दुर्व्यवहार किया, जिसे तुरंत बंद करने की मांग की गई है।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव के प्रति की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में उनसे सार्वजनिक माफी की मांग भी की।इसके अलावा, सपा की विभिन्न शाखाएं हाल ही में नोएडा में मजदूरों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ ₹26,000 प्रति माह न्यूनतम वेतन और गिरफ्तार श्रमिकों की रिहाई की मांग को लेकर भी प्रदर्शन कर रही हैं।
पुलिस की कार्यवाही
प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने हजरतगंज चौराहे के पास भारी बैरिकेडिंग की थी।विरोध प्रदर्शन तेज होने पर पुलिस ने सपा छात्र सभा और युवा सभा के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। उन्हें पुलिस वाहनों में भरकर इको गार्डन धरना स्थल भेज दिया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर "बर्बरता" और सत्ता के दबाव में काम करने के आरोप लगाए हैं।
सपा का आरोप
आरोप है कि, हजरतगंज पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए चौराहे और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर रखा था, ताकि विधानसभा मार्ग पर आवाजाही बाधित न हो। अखिलेश यादव और पार्टी के अन्य नेताओं ने पुलिस कार्यवाही की निंदा करते हुए इसे "लोकतंत्र की हत्या" और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने की कोशिश बताया है।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर