लखनऊ में 'शिक्षा संवाद': बाबा रामदेव ने किया भारतीय शिक्षा बोर्ड का शंखनाद
लखनऊ में मंगलवार को ‘शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा के एक नए युग का सूत्रपात हुआ। इस भव्य आयोजन का मुख्य केंद्र योग गुरु बाबा रामदेव रहे, जिन्होंने भारतीय शिक्षा बोर्ड के उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय का आधिकारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम में प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री श्रीमती गुलाब देवी, बोर्ड के चेयरमैन एन. पी. सिंह और शिक्षा जगत के कई दिग्गज शामिल हुए।
lucknow
7:18 PM, Apr 28, 2026
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लखनऊ में आयोजित हुआ ‘शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम photo by - google
लखनऊ में मंगलवार को ‘शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा के एक नए युग का सूत्रपात हुआ। इस भव्य आयोजन का मुख्य केंद्र योग गुरु बाबा रामदेव रहे, जिन्होंने भारतीय शिक्षा बोर्ड के उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय का आधिकारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम में प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री श्रीमती गुलाब देवी, बोर्ड के चेयरमैन एन. पी. सिंह और शिक्षा जगत के कई दिग्गज शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि, भारतीय शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य छात्रों को मैकाले की शिक्षा पद्धति के मानसिक दासत्व से मुक्त करना है। उन्होंने जोर दिया कि नई शिक्षा प्रणाली में आधुनिक विज्ञान, गणित और तकनीक के साथ-साथ वेदों, उपनिषदों और योग की प्राचीन विरासत का समावेश होगा। बाबा रामदेव के अनुसार, "यह बोर्ड केवल डिग्रियां नहीं बांटेगा, बल्कि ऐसे राष्ट्रभक्त और चरित्रवान युवा तैयार करेगा जो वैश्विक मंच पर भारत का नेतृत्व करेंगे।
लखनऊ में क्षेत्रीय कार्यालय के खुलने से अब प्रदेश के हजारों निजी और सरकारी विद्यालयों के लिए भारतीय शिक्षा बोर्ड से जुड़ने का रास्ता साफ हो गया है। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि जैसे हम बच्चों को डॉक्टर या गुरु को सौंपते समय पूर्ण विश्वास रखते हैं, वैसे ही भारतीय शिक्षा बोर्ड के प्रति विश्वास जगाना होगा। उन्होंने इसे नई शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
इसमें आधुनिक विषयों के साथ संस्कृत, योग और भारतीय संस्कृति का समावेश है। केवल किताबी ज्ञान के बजाय व्यावहारिक कौशल और नैतिक मूल्यों पर विशेष ध्यान। सीबीएसई और आईसीएसई की तर्ज पर इसे राष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्राप्त है। उत्तर प्रदेश के स्कूलों को अब पंजीकरण और पाठ्यक्रम संबंधी सहायता के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यालय उपलब्ध होगा।
‘शिक्षा संवाद’ के इस मंच से यह स्पष्ट संदेश गया कि, लखनऊ अब उत्तर प्रदेश में स्वदेशी शिक्षा क्रांति का केंद्र बनेगा। बाबा रामदेव ने आह्वान किया कि शिक्षण संस्थान इस मुहिम से जुड़कर भारत को फिर से 'ज्ञान की महाशक्ति' बनाने में अपना योगदान दें। कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रीय कार्यालय के सुचारू संचालन और आगामी सत्र के लिए नई योजनाओं पर चर्चा की गई।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर