लखनऊ के दुबग्गा थाने में वकीलों और पुलिस के बीच तीखी झड़प और भारी बवाल
दुबग्गा थाना क्षेत्र शनिवार को एक जमीन के विवाद को लेकर अधिवक्ता और पुलिसकर्मी आमने-सामने आ गए। वकीलों ने थाने के भीतर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की और दरोगा पर पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगाए। स्थिति इस कदर बिगड़ गई कि घंटों तक थाने में कामकाज ठप रहा और पुलिस के उच्च अधिकारियों को मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा।
lucknow
2:17 PM, May 3, 2026
Share:


लखनऊ के दुबग्गा थाने में वकीलों और पुलिस के बीच तीखी झड़प और भारी बवाल सौ0 bma7.in
लखनऊ। के दुबग्गा थाना क्षेत्र शनिवार को एक जमीन के विवाद को लेकर अधिवक्ता और पुलिसकर्मी आमने-सामने आ गए। वकीलों ने थाने के भीतर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की और दरोगा पर पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगाए। स्थिति इस कदर बिगड़ गई कि घंटों तक थाने में कामकाज ठप रहा और पुलिस के उच्च अधिकारियों को मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद एक कीमती जमीन के टुकड़े पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि संबंधित जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा था, जिसे दुबग्गा थाने में तैनात दरोगा विभव दीपक ने मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया। दरोगा का तर्क था कि जमीन विवादित है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम रोकना जरूरी है।वहीं, दूसरी ओर अधिवक्ताओं का आरोप है कि दरोगा विभव दीपक ने बिना किसी कोर्ट ऑर्डर या उच्चाधिकारियों के निर्देश के, दूसरे पक्ष के प्रभाव में आकर काम रुकवाया है। वकीलों का कहना है कि, उनके मुवक्किल के पास जमीन के पुख्ता कागजात हैं, इसके बावजूद पुलिस जानबूझकर उन्हें परेशान कर रही है।
थाने में जबरदस्त हंगामा और तीखी नोकझोंक
दरोगा द्वारा काम रुकवाए जाने की खबर जैसे ही बार एसोसिएशन और साथी वकीलों को मिली, भारी संख्या में अधिवक्ता दुबग्गा थाने पहुंच गए। वकीलों के तीखे अंदाज और गुस्से को देखकर थाने में हड़कंप मच गया। अधिवक्ताओं ने सीधे दरोगा विभव दीपक को निशाने पर लिया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वकीलों का गुस्सा इस बात पर था कि पुलिस आखिर किस हैसियत से दीवानी मामलों में दखल दे रही है। हंगामे के दौरान 'पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद' के नारे भी लगे। वकीलों ने चेतावनी दी कि जब तक आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और काम दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं मिलती, वे थाने से नहीं हटेंगे।
अधिकारियों का हस्तक्षेप और वर्तमान स्थिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वकीलों को समझाने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के कागजात देखने और कानूनी राय लेने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।इस घटना ने एक बार फिर लखनऊ में पुलिस और वकीलों के बीच चल रहे तनाव को सतह पर ला दिया है। फिलहाल थाने में भारी पुलिस बल तैनात है और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अगर पुलिस ने अपनी कार्यशैली नहीं बदली, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर