ब्रेकिंग न्यूज़
UP - गाजियाबाद में निवेश के नाम पर डॉक्टर समेत दो से ठगे 34.25 लाख रुपये, केस दर्जUP - गाजियाबाद में युवक की मौत मामले में डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोपUP - गाजियाबाद में महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति गिरफ्तारUP - गाजियाबाद में परिवहन मंत्री के सामने उठा स्कूली वाहनों में ओवरलोडिंग का मुद्दाUP - गाजियाबाद में गर्मी की छुट्टी मनाने मामा के घर आई किशोरी लापताUP - गाजियाबाद में ट्रक की टक्कर से पलटा ई-रिक्शा, वृद्ध की मौतUP - गाजियाबाद में सोम बाजार में गोली चलाने वाले दो गिरफ्तारUP - गाजियाबाद में बुजुर्ग के हत्यारोपी बेटे की तलाश में धूल फांक रही पुलिसUP - गाजियाबाद में घर से लापता मासूम का मिला शव, मामा पर दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोपUP - गाजियाबाद में शादी तय होने पर छोड़ा घर, कहा- जितना खर्च किया दे दूंगीUP - गाजियाबाद में हेरिटेज रन में एलआर कॉलेज के छात्र ने पूरी की हाफ मैराथॉन UP - नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर जबरदस्त प्रदर्शनUP - गाजियाबाद में निवेश के नाम पर डॉक्टर समेत दो से ठगे 34.25 लाख रुपये, केस दर्जUP - गाजियाबाद में युवक की मौत मामले में डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोपUP - गाजियाबाद में महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति गिरफ्तारUP - गाजियाबाद में परिवहन मंत्री के सामने उठा स्कूली वाहनों में ओवरलोडिंग का मुद्दाUP - गाजियाबाद में गर्मी की छुट्टी मनाने मामा के घर आई किशोरी लापताUP - गाजियाबाद में ट्रक की टक्कर से पलटा ई-रिक्शा, वृद्ध की मौतUP - गाजियाबाद में सोम बाजार में गोली चलाने वाले दो गिरफ्तारUP - गाजियाबाद में बुजुर्ग के हत्यारोपी बेटे की तलाश में धूल फांक रही पुलिसUP - गाजियाबाद में घर से लापता मासूम का मिला शव, मामा पर दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोपUP - गाजियाबाद में शादी तय होने पर छोड़ा घर, कहा- जितना खर्च किया दे दूंगीUP - गाजियाबाद में हेरिटेज रन में एलआर कॉलेज के छात्र ने पूरी की हाफ मैराथॉन UP - नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन
बड़ी खबर/न्यूज़/republic day the real test of farmers villages and the constitution

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान, गांव और संविधान की असली परीक्षा

देश का अन्नदाता किसान आज भी सुबह सूरज निकलने से पहले खेतों में उतरता है। वह देश को अनाज देता है, लेकिन जब अपने अधिकारों की बात आती है तो उसे दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। संविधान ने किसान को जमीन का अधिकार,बराबरी और न्याय का भरोसा दिया,मगर जमीनी सच्चाई यह है कि आज भी जमीन विवाद,चकबंदी की उलझन,मुआवज़े की देरी और सरकारी योजनाओं की जटिलता किसान के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है और वह इनमें फंसा है।

lucknow

4:26 AM, Jan 26, 2026

Share:

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान, गांव और संविधान की असली परीक्षा
logo

बीते वर्ष किले पर ध्वजारोहण करते प्रधानमंत्री फोटो सौ.bma 7

Latest खबरों के लिए फॉलो करें:

Yt Icon

उत्तर प्रदेश। 26 जनवरी केवल लखनऊ की परेड या बड़े मंचों का दिन नहीं है। गणतंत्र की असली पहचान गांव की चौपाल, खेत की मेड़ और किसान की मेहनत में दिखाई देती है। इसी दिन देश ने संविधान अपनाया था, जिसने यह भरोसा दिया कि भारत का हर नागरिक—चाहे वह गांव में रहने वाला किसान ही क्यों न हो—कानून की नजर में बराबर है।  

किसान का बड़ा योग दान 

देश का अन्नदाता किसान आज भी सुबह सूरज निकलने से पहले खेतों में उतरता है। वह देश को अनाज देता है, लेकिन जब अपने अधिकारों की बात आती है तो उसे दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। संविधान ने किसान को जमीन का अधिकार, बराबरी और न्याय का भरोसा दिया, मगर जमीनी सच्चाई यह है कि आज भी जमीन विवाद, चकबंदी की उलझन, मुआवज़े की देरी और सरकारी योजनाओं की जटिलता किसान के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।

किसान की आवाज़ नहीं पहुंची 

गांव में गणतंत्र की जड़ें पंचायत से जुड़ी हैं। पंचायत चुनाव, ग्राम सभा और विकास योजनाएं—यही लोकतंत्र की पहली सीढ़ी हैं। लेकिन अफसोस कि ,कई जगह ग्राम सभा केवल कागजों तक सीमित रह गई है। निर्णय चंद लोगों के हाथ में सिमट जाते हैं और आम किसान की आवाज दब जाती है। गणतंत्र तभी सफल होगा जब हर किसान ग्राम सभा में अपनी बात खुलकर रख सके और उसका सम्मान हो।

खेती आज आसान काम नहीं रह गई है। खाद, बीज, डीजल और बिजली महंगी होती जा रही है, जबकि फसलों का सही दाम नहीं मिल पा रहा। सिंचाई की समस्या, आवारा पशु, प्राकृतिक आपदाएं और बाजार की मार किसान की कमर तोड़ रही हैं। संविधान ने सरकार को यह जिम्मेदारी दी है कि वह नागरिक को सम्मानजनक जीवन दे, फिर भी किसान आज भी कर्ज और चिंता के बोझ तले दबा हुआ है। 

कई जगह नहीं पहुंची सरकारी योजना 

गणतंत्र दिवस हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि, क्या योजनाएं सही किसान तक पहुंच रही हैं? क्या प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और सिंचाई योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद को मिल रहा है? जवाब कई जगह हां है, लेकिन कई गांवों में आज भी किसान जानकारी और सुविधा के अभाव में वंचित है।

क्यों गांव का युवा शहर जाने को मजबूर 

आज गांव का युवा भी बड़ी चुनौती है। पढ़-लिखकर शहर जाना उसकी मजबूरी बन गई है, क्योंकि गांव में रोजगार और सुविधाओं की कमी है। अगर गांव मजबूत होंगे, किसान आत्मनिर्भर होगा, तभी देश सशक्त बनेगा। गणतंत्र का अर्थ यही है कि विकास की रोशनी खेत-खलिहान तक पहुंचे।गणतंत्र दिवस पर हमें संकल्प लेना होगा कि संविधान केवल किताबों में नहीं, खेतों और गांवों में उतरे। किसान को न्याय मिले, उसकी जमीन सुरक्षित रहे, उसकी उपज का उचित मूल्य मिले और गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार की मजबूत व्यवस्था हो।

राज प्रताप सिंह

लेखक के बारे में

राज प्रताप सिंह

वरिष्ठ संवाददाता

सम्बंधित खबर

विज्ञापन

विज्ञापन

Logo

Office Address:Bargadi Magath BKT, Lucknow, (227202)

Contact Us :+91 9415122881

Email:bmaassociation24@gmail.com

Subscribe Now
Youtube

BMA7

Follow Us

Design and Developed by SpriteEra IT Solutions Pvt. Ltd.
© Copyright BMA7 2025. All rights reserved.