यूपी में आंधी-बारिश से मिली तपिश से राहत, 6 मई तक 'येलो अलर्ट' जारी
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच शुक्रवार तड़के मौसम ने अचानक करवट ली। राजधानी लखनऊ समेत अयोध्या, अम्बेडकर नगर और आसपास के जिलों में तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश ने लोगों को चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत दी है। जहां एक ओर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त भी हुआ है।
uttar pradesh
1:18 PM, May 3, 2026
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सुबह चार बजे से शुरू हुई भारी बारिश सौ0 bma7.in
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच शुक्रवार तड़के मौसम ने अचानक करवट ली। राजधानी लखनऊ समेत अयोध्या, अम्बेडकर नगर और आसपास के जिलों में तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश ने लोगों को चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत दी है। जहां एक ओर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त भी हुआ है।
शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे से ही आसमान में घने काले बादल छाने लगे और देखते ही देखते धूल भरी आंधी शुरू हो गई। लखनऊ और अयोध्या में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। इसके बाद हुई तेज बारिश ने शहर की सड़कों को जलमग्न कर दिया, लेकिन सुबह की शुरुआत ठंडी हवाओं के साथ हुई। मौसम विभाग के अनुसार, इस प्री-मानसून गतिविधि की वजह से अधिकतम तापमान, जो पिछले दिनों 42-44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, आज गिरकर 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।राहत की इस बारिश के साथ कुछ मुश्किलें भी आईं। लखनऊ के गोमती नगर, आशियाना और अलीगंज जैसे इलाकों में तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूटकर बिजली की लाइनों पर गिर गईं। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने कई उपकेंद्रों की बिजली काट दी, जिससे घंटों तक आपूर्ति बाधित रही। अयोध्या और अम्बेडकर नगर के ग्रामीण अंचलों में भी कच्चे मकानों और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। बिजली विभाग की टीमें युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हैं ताकि शाम तक आपूर्ति बहाल की जा सके।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है , कि यह बदलाव एक सक्रिय 'पश्चिमी विक्षोभ' के कारण आया है। इसके साथ ही अरब सागर से आ रही नमी ने उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में दबाव का क्षेत्र बनाया है। इसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ी हैं।
राहत का यह सिलसिला यहीं रुकने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 4 मई से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका असर 6 मई तक बना रहेगा। 4 मई पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में धूल भरी आंधी और गरज के साथ बारिश की संभावना। 6 मई पूरे प्रदेश में बादलों की आवाजाही रहेगी। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि ( और बिजली गिरने की भी आशंका है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि, वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें। वहीं, आम जनता के लिए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है कि आंधी-तूफान के समय ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या कच्चे ढांचों के नीचे शरण न लें।इस बेमौसम बारिश ने भले ही नगर निगम के जलभराव के दावों की पोल खोल दी हो, लेकिन भीषण गर्मी से झुलस रहे उत्तर प्रदेश के लिए यह कुदरत के किसी वरदान से कम नहीं है। फिलहाल, आने वाले तीन दिनों तक यूपी वासियों को लू से राहत मिलती रहेगी।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर