डॉक्टर बनने की दौड़: 551 शहरों में आयोजित हुई नीट परीक्षा, रिकॉर्ड 13 लाख से अधिक बेटियों ने दी चुनौती
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा, NEET UG 2026 रविवार को लखनऊ सहित देशभर के विभिन्न केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की गई। इस वर्ष परीक्षा ने पंजीकरण और आयोजन के स्तर पर कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा संचालित इस परीक्षा में भविष्य के डॉक्टरों का उत्साह देखते ही बना।
uttar pradesh
3:03 PM, May 3, 2026
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लखनऊ सहित देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा संपन्न सौ0 bma7.in
लखनऊ। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा, NEET UG 2026 रविवार को लखनऊ सहित देशभर के विभिन्न केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की गई। इस वर्ष परीक्षा ने पंजीकरण और आयोजन के स्तर पर कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा संचालित इस परीक्षा में भविष्य के डॉक्टरों का उत्साह देखते ही बना।
इस साल NEET UG परीक्षा के लिए कुल 22,79,743 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया, जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार भी महिला उम्मीदवारों ने बाजी मारी है, जिनकी संख्या 13.32 लाख से अधिक है, जबकि पुरुष उम्मीदवारों की संख्या लगभग 9.46 लाख रही। परीक्षा का आयोजन केवल भारत तक ही सीमित नहीं रहा; इसे देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 प्रमुख शहरों में भी सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।लखनऊ के विभिन्न केंद्रों पर सुबह से ही छात्रों और अभिभावकों की भारी भीड़ देखी गई। स्थानीय प्रशासन और NTA ने मिलकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। केंद्रों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए विशेष रूट डायवर्जन लागू किए गए। छात्रों को गहन सुरक्षा जांच के बाद ही केंद्र के भीतर प्रवेश दिया गया।
पारदर्शिता के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा
परीक्षा की शुचिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस बार तकनीकी और मानव संसाधन का व्यापक स्तर पर उपयोग किया गया। देशभर में लगभग 6,000 से अधिक ऑब्जर्वर्स परीक्षा केंद्रों पर तैनात किए गए थे, जो हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे थे। इसके अलावा, परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए 2 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती की गई।NTA ने नकल रोकने के लिए अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सीसीटीवी सर्विलांस का सहारा लिया। सभी केंद्रों पर जैमर्स लगाए गए थे ताकि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग न हो सके। साथ ही, बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए डमी उम्मीदवारों की पहचान सुनिश्चित की गई।
दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:20 बजे तक चली इस परीक्षा के बाद केंद्र से बाहर निकले छात्रों के चेहरे पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दिखीं। कई छात्रों ने जीव विज्ञान के खंड को आसान लेकिन लंबा बताया, जबकि भौतिक विज्ञान के कुछ सवालों ने परीक्षार्थियों को थोड़ा उलझाया। कुल मिलाकर, परीक्षा का स्तर मध्यम बताया जा रहा है।अब परीक्षार्थियों को आधिकारिक 'आंसर की' और रिजल्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर दाखिला मिलेगा।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर