PM नरेंद्र मोदी ने एलपीजी संकट और अफवाहों पर अपनाया कड़ा रुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मार्च 2026 को नई दिल्ली में एक शिखर सम्मेलन के दौरान देश में चल रहे एलपीजी संकट और इससे जुड़ी अफवाहों पर कड़ा रुख अपनाया है। उनका यह बयान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं और उसके बाद देश में पैदा हुए डर के माहौल के बीच आया है।
uttar pradesh
12:11 PM, Mar 13, 2026
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PM नरेंद्र मोदी ने एलपीजी संकट और अफवाहों पर अपनाया कड़ा रुख सौ0
उत्तर प्रदेश।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मार्च 2026 को नई दिल्ली में एक शिखर सम्मेलन के दौरान देश में चल रहे एलपीजी संकट और इससे जुड़ी अफवाहों पर कड़ा रुख अपनाया है। उनका यह बयान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं और उसके बाद देश में पैदा हुए डर के माहौल के बीच आया है।
अफवाहों पर प्रहार
एम मोदी ने कहा कि कुछ लोग एलपीजी को लेकर जानबूझकर दहशत फैला रहे हैं और अपना राजनीतिक एजेंडा चलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि संकट के समय ऐसा व्यवहार न केवल इन लोगों की असलियत उजागर करता है, बल्कि देश के हितों को भी नुकसान पहुँचाता है।
कालाबाजारी के खिलाफ चेतावनी
उन्होंने स्पष्ट किया कि, इस स्थिति का फायदा उठाकर एलपीजी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने राज्य सरकारों से कालाबाजारियों और जमाखोरों पर निगरानी बढ़ाने का आग्रह किया है।
जनता को आश्वासन
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प्रधानमंत्री ने नागरिकों से पैनिक न होने की अपील करते हुए कहा कि भारत इस संकट से वैसे ही उबर जाएगा जैसे उसने कोविड-19 महामारी के समय किया था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार आपूर्ति बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत कर रही है और घरेलू स्तर पर उत्पादन बढ़ाने के कदम उठाए जा रहे हैं।
ऊर्जा सुरक्षा की मजबूती
उन्होंने रेखांकित किया कि, पिछले दशक में भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है, जिसमें घरेलू एलपीजी कनेक्शन 14 करोड़ (2014) से बढ़कर 33 करोड़ हो गए हैं और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार 50 लाख टन से अधिक हो गया है।
सरकार द्वारा उठाए गए अन्य महत्वपूर्ण कदम
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने का निर्देश दिया गया है। जमाखोरी रोकने के लिए शहरी क्षेत्रों में दो सिलेंडरों के बीच बुकिंग का अंतर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दिया गया है। कमर्शियल एलपीजी की औसत मासिक आपूर्ति पर 20% की सीमा लगा दी गई है ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर