भू-माफियाओं पर चला नगर निगम का 'पीला पंजा', मिनटों में ढहाया अवैध साम्राज्य
लखनऊ में भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ नगर निगम का डंडा लगातार चल रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को लखनऊ नगर निगम ने सरोजनी नगर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम सरसवां में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मा० महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल एवं नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार के कुशल निर्देशन में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य की बेशकीमती सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया
lucknow
7:05 PM, Apr 30, 2026
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लखनऊ नगर निगम का बड़ा एक्शन सौ0 bma7.in
लखनऊ में भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ नगर निगम का डंडा लगातार चल रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को लखनऊ नगर निगम ने सरोजनी नगर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम सरसवां में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मा० महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल एवं नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार के कुशल निर्देशन में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य की बेशकीमती सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।
प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सरसवां की गाटा संख्या 739 (क्षेत्रफल 0.159 हेक्टेयर) राजस्व अभिलेखों में सार्वजनिक 'चकमार्ग' के रूप में दर्ज है। पिछले कुछ समय से इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक मार्ग पर कुछ भू-माफियाओं और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की नजर थी। कब्जा करने की नीयत से यहाँ अस्थायी बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई थी और जमीन पर अवैध रूप से प्लॉटिंग और निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास किया जा रहा था। इसकी शिकायत मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया।
अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव के आदेश पर सहायक नगर आयुक्त/प्रभारी अधिकारी (सम्पत्ति) रामेश्वर प्रसाद और तहसीलदार अरविन्द पाण्डेय द्वारा एक विशेष कार्यबल का गठन किया गया। जब नगर निगम की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया। नायब तहसीलदार तेजस्वी प्रकाश के नेतृत्व में टीम ने बिना किसी देरी के अवैध बाउंड्रीवाल और निर्माणाधीन ढांचों को गिराना शुरू कर दिया। देखते ही देखते करीब 0.159 हेक्टेयर सरकारी भूमि पूरी तरह खाली करा ली गई।
किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। थाना सुशांत गोल्फ सिटी के थानाध्यक्ष के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और पीएसी की टुकड़ी मौके पर तैनात रही। नगर निगम के लेखपाल राजू सोनी और शक्ति वर्मा ने राजस्व दस्तावेजों के आधार पर भूमि का सीमांकन कर कार्रवाई को प्रभावी बनाया।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, मुक्त कराई गई इस भूमि की वर्तमान बाजार दर के हिसाब से कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के अभियान जारी रहेंगे। इस कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं में दहशत का माहौल है।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर