LU का बड़ा फैसला: अब लॉ के छात्रों को ऑड से इवन सेमेस्टर में मिलेगा सीधा प्रमोशन, एनईपी लागू
उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा में एक बड़ा और युगांतरकारी बदलाव देखने को मिला है। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र हित में एक साहसिक और अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अपने विधि संकाय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। विश्वविद्यालय का यह कदम न केवल राज्य की विधि शिक्षा को आधुनिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करेगा,
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8:41 AM, May 22, 2026
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लॉ के छात्रों को ऑड से इवन सेमेस्टर में मिलेगा सीधा प्रमोशन photo by- bma7.in
उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा में एक बड़ा और युगांतरकारी बदलाव देखने को मिला है। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र हित में एक साहसिक और अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अपने विधि संकाय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। विश्वविद्यालय का यह कदम न केवल राज्य की विधि शिक्षा को आधुनिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करेगा, बल्कि वर्तमान सत्र में पढ़ रहे सैकड़ों छात्र-छात्राओं के लिए भी एक बड़ी राहत लेकर आया है।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, एनईपी के इन नए नियमों को एल-एल.बी. (त्रिवर्षीय) और एल-एल.बी. (पञ्च वर्षीय एकीकृत) दोनों ही मुख्य पाठ्यक्रमों के अंतर्गत पूरी तरह से समाहित कर लिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि यह नीतिगत निर्णय वर्तमान शैक्षणिक सत्र से ही पूर्णतः प्रभावी माना जाएगा।
विश्वविद्यालय के इस साहसिक कदम को लॉ के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। आमतौर पर परीक्षाओं के आयोजन और उनके परिणामों की घोषणा में होने वाली देरी के कारण शैक्षणिक सत्र पिछड़ जाता था। कुलपति कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस समस्या को जड़ से खत्म करने और सत्र को पूरी तरह पटरी पर बनाए रखने के लिए ही यह नया फॉर्मूला तैयार किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिए गए इस निर्णय से विधि विभाग के सैकड़ों छात्र-छात्राओं का समय बचेगा और वे बिना किसी मानसिक तनाव के अपने अगले सेमेस्टर की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
प्रशासन ने साफ किया है कि , यह नियम किसी भविष्य की तारीख से नहीं, बल्कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र से ही पूरी तरह से प्रभावी माना जाएगा। इसका सीधा लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा जो इस समय एल-एल.बी. प्रथम वर्ष के दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे हैं। तकनीकी रूप से यह छात्र इस नई व्यवस्था के तहत लाभान्वित होने वाले विश्वविद्यालय के पहले आधिकारिक बैच के रूप में दर्ज हो गए हैं। इस निर्णय से उन छात्रों की चिंताएं पूरी तरह समाप्त हो गई हैं जो परीक्षा परिणामों को लेकर असमंजस की स्थिति में थे।
इस बड़े बदलाव की प्रासंगिकता पर बात करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि , समकालीन समय में कानूनी शिक्षा को वैश्विक मापदंडों के अनुसार ढालना बेहद जरूरी हो चुका था। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के मार्ग को सुगम और आधुनिक बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एनईपी के माध्यम से ऑड से इवन सेमेस्टर में प्रमोशन की जो व्यवस्था शुरू की जा रही है, वह छात्रों के भविष्य को अधिक सुरक्षित, बहुआयामी और प्रगतिशील बनाएगी। यह कदम छात्रों को केवल अकादमिक रूप से ही मजबूत नहीं करेगा, बल्कि उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करेगा।
नई नीति को बिना किसी बाधा के धरातल पर उतारने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। विधि संकाय के डीन और संबंधित विभागों के अध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से नई प्रमोशन नियमावली और संशोधित पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि, नियमों के इस बदलाव के दौरान किसी भी छात्र को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी असुविधा का सामना न करना पड़े। आने वाले कुछ ही दिनों में विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइंस और नियमावली की रूपरेखा को अंतिम रूप देकर सार्वजनिक कर दिया जाएगा। विशेषज्ञ इस फैसले को राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी एक मार्गदर्शक निर्णय मान रहे हैं।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर