दबंगों की गुंडागर्दी के आगे बेबस खाकी? विधवा की झोपड़ी पर संकट, थाना प्रभारी की साख दांव पर
बख्शी का तालाब थाना अंतर्गत रामपुर बेहड़ा गांव में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति और महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर इसी क्षेत्र के एक गांव में एक विधवा महिला दबंगों के डर से अपने ही घर से बेदखल होकर झोपड़ी में रहने को मजबूर है। अब सवाल स्थानीय पुलिस और थाना प्रभारी की कार्यशैली पर उठ रहे हैं कि आखिर क्य
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1:53 PM, May 3, 2026
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'जीरो टॉलरेंस' अभियान के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी सौ0 bma7.in
बख्शी का तालाब। थाना अंतर्गत रामपुर बेहड़ा गांव में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति और महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर इसी क्षेत्र के एक गांव में एक विधवा महिला दबंगों के डर से अपने ही घर से बेदखल होकर झोपड़ी में रहने को मजबूर है। अब सवाल स्थानीय पुलिस और थाना प्रभारी की कार्यशैली पर उठ रहे हैं कि आखिर क्यों न्याय के लिए एक बेसहारा महिला को तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पीड़ित महिला के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वर्षों पहले पति को खो चुकी इस महिला ने दो माह पहले अपने जवान बेटे को भी खो दिया, जिसका शव पेड़ से लटकता मिला था। इस गहरे सदमे के बीच, महिला का आरोप है कि उसके अपने ही ससुर और दबंग देवर ने उसे पुश्तैनी मकान से बाहर निकाल दिया है। सिर छिपाने के लिए महिला ने खेत में एक छोटी सी झोपड़ी डाली, लेकिन दबंगों की भूख वहां भी शांत नहीं हुई। आरोप है कि अब उसे उस झोपड़ी को भी उजाड़ने की धमकी दी जा रही है। दबंगों का साफ कहना है कि या तो खुद हट जाओ, वरना अंजाम बुरा होगा।
क्या सो रही है बीकेटी पुलिस
पीड़िता का आरोप है कि, वह लगातार न्याय के लिए गुहार लगा रही है, लेकिन दबंगों के रसूख के आगे उसकी आवाज दबकर रह गई है। शनिवार को तहसील संपूर्ण समाधान दिवस पर जब यह मामला जिलाधिकारी और आला अफसरों के सामने पहुंचा, तो स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हुए। आखिर थाना प्रभारी और उनकी टीम ने अब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या पुलिस किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है?
थाना प्रभारी के नाम कड़ा संदेश
इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। शासन के सख्त निर्देश हैं कि, महिलाओं और बेसहारा लोगों की शिकायतों पर तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई हो। यदि बीकेटी थाना प्रभारी इस मामले में अपराधियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजते और महिला को उसका घर वापस नहीं दिलाते, तो यह कानून व्यवस्था पर एक बड़ा धब्बा होगा। ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि, एक मां जिसने अभी अपने बेटे को खोया है, उसे सुरक्षा देने के बजाय सिस्टम तमाशबीन बना हुआ है।
क्षेत्र की जनता अब थाना प्रभारी की ओर देख रही है। क्या खाकी का इकबाल बुलंद होगा या दबंगों की लाठी के आगे कानून मौन रहेगा? अधिकारियों ने इस मामले में एक सप्ताह का समय दिया है, लेकिन पीड़िता की जान पर मंडराते खतरे को देखते हुए तत्काल पुलिस सुरक्षा और गिरफ्तारी की मांग उठ रही है।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर