KGMU के एडिशनल प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप,विश्वविद्यालय प्रशासन ने किया निलंबित
लखनऊ के केजीएमयू से एक हैरान करने वाली घटना सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि,केजीएमयू में महिला जूनियर डॉक्टर ने एडिशनल प्रोफेसर पर छेडछाड का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर लोगो के बीच तेजी से चर्चा हो रही है। जिसको लेकर पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई। यह घटना एक बेहद ही शर्मनाक घटनाओ में से एक है क्योकि,जब केजीएमयू मे स्थिति महिला जूनियर डॉक्टर सुरक्षित नही है
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2:31 PM, Feb 12, 2026
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डाॅ. केके सिंह , प्रवक्ता KGMU फोटो सौ0 bma7.in
उत्तर प्रदेश। लखनऊ के केजीएमयू से एक हैरान करने वाली घटना सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि,केजीएमयू में महिला जूनियर डॉक्टर ने एडिशनल प्रोफेसर पर छेडछाड का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर लोगो के बीच तेजी से चर्चा हो रही है। जिसको लेकर पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई। यह घटना एक बेहद ही शर्मनाक घटनाओ में से एक है क्योकि,जब केजीएमयू मे स्थिति महिला जूनियर डॉक्टर सुरक्षित नही है तो वहां पर जो मरीज विश्वास और उम्मीद से आते है तो उनके मन में कैसे केजीएमयू के प्रति विश्वास होगा।
कार्यवाही कर पीडिता को मिला न्याय
बताया जा रहा है कि, बाल रोग विभाग में एक महिला जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी एडिशनल प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कई गंभीर आरोप
आरोप है कि,बाल रोग विभाग की एक महिला एमडी छात्रा (जूनियर रेजिडेंट) ने एडिशनल प्रोफेसर पर कार्यस्थल पर छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।शिकायत मिलते ही कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद के निर्देश पर आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया और उनके विभाग में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी के निर्देश
सूत्रो के अनुसार, इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशाखा कमेटी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।प्रशासन ने जूनियर डॉक्टरों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं।
डॉक्टर केके सिंह के द्वारा दी गई जानकारी
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉक्टर केके सिंह के द्वारा बताया गया है कि, जब भी कोई जूनियर डॉक्टर सीनरी पर गंभीर आरोप लगता है तो कई बार ऐसा होता है कि, बड़े पद वाले पर उचित कार्यवाही नहीं होती ,लेकिन इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशाखा समिति गठित की गई जिसने एडिशनल प्रोफेसर आरोपी पाए गए और निलंबित कर दिया गया है, डॉक्टर स्टाफ की सुरक्षा को देखते हुए या निर्देश दिया गया है कि,विस्तृत जांच अभी चल रही है जिसको लेकर एडिशनल प्रोफेसर कोई भी हस्तक्षेप नहीं करेंगे और इस मामले को लेकर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

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मुस्कान सिंह
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