आउटर रिंग रोड़ में प्रयोग किए गए मैटीरियल का I T कानपुर की टीम ने लिया सैम्पल
लखनऊ के बीकेटी में बीकामउ और इंदौराबाग अंडरपास के बीच आई टी कानुपर की टीम ने आउटर रिंग रोड़ के मैटीरियल की जांच की है। यहां पर टीम ने रोड़ में प्रयोग किए गए मैटीरियल के सैम्पल कुछ जगहों पर खुदाई करने के बाद इकटठा किए है। टीम के अधिकारियों ने बिना अपना नाम बताए यह कहा है कि,आउटर रिंग रोड़ के बीच,दोनो किनारों से कई जगह यह मैटीरियल सैम्पल लिया गया है।
lucknow
7:05 PM, Dec 23, 2025
Share:


उत्तर प्रदेश। लखनऊ के बीकेटी में बीकामउ और इंदौराबाग अंडरपास के बीच आई टी कानुपर की टीम ने आउटर रिंग रोड़ के मैटीरियल की जांच की है। यहां पर टीम ने रोड़ में प्रयोग किए गए मैटीरियल के सैम्पल कुछ जगहों पर खुदाई करने के बाद इकटठा किए है। टीम के अधिकारियों ने बिना अपना नाम बताए यह कहा है कि,आउटर रिंग रोड़ के बीच,दोनो किनारों से कई जगह यह मैटीरियल सैम्पल लिया गया है।
आउटर रिंग रोड़ पर कब दरारें पड़ जाएं,गिटटी उखड़ने लगे,परेशान है वाहन चालक
लखनऊ शहर के बाहर से बनी 104 किमी लम्बी आउटर रिंग रोड़ केवल उप्र ही नही बल्कि अन्य प्रदेशों से लखनऊ होकर और बिना जाम में फंसे हरदोई,कानुपर,फैजाबाद व लखनऊ—दिल्ली हाइवे जाने का सबसे बेहतरीन माध्यम है।जोधमउ लेकिन गोमती नदी पुल से लेकर बीकेटी तहसील फलाई ओवर तक और फिर उसके बाद बेहटा—कुर्सी रोड़ तक यह बेहतरीन माध्यम आवागमन करने वालों के लिए सिरदर्द बन चुका है। खासकर हैवी वाहनों के आवागमन से यहां पर कब रोड़ का हिस्सा खिसक जाए,गिटटी उखड़ने लगे,रोड़ के बीच दरारें पड जाए,खुद वाहन चालक भी नही समझ पाते है।
लखनऊ के आउटर रिंग रोड़ को लगी विपक्ष की नजर
लखनऊ शहर के अंदर जाम के स्तर को कम करने और शहर के अंदर बिना प्रवेश किए दिल्ली, फैजाबाद,सुल्तानपुर,कानुपर और हरदोई रोड़ के लिए आसानी से जाया जा सके। जिससे व्यवसायिक वाहन बिना किसी जाम में फंसे रसद अथवा अन्य सामग्री का व्यवसायिक परिवहन कर सके। ऐसा आउटर रिंग रोड़ लखनऊ के सांसद और देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश वासियों को दिया। लेकिन जिस प्रकार से इसके निर्माण का कार्य पूरा करवाया गया। खासकर बख्शी का तालाब विधान सभा क्षेत्र से होकर गुजरने वाले इस आउटर रिंग रोड़ को तौ जैसे नजर लग गई।
गोमती नदी पुल के बाद आउटर रिंग रोड़ की हालत बदतर
इस आठ से दस लेन वाले आउटर रिंग रोड़ की हालत सैरपुर के लोधमउ गांव के पास गोमती नदी के पुल से लेकर लखनऊ—दिल्ली राजमार्ग तक देखी जा सकती है। जगह जगह यह रोड़ एसे टूटती है जैसे कि,जैसे सैकड़ों साल पहले इसे बनाया गया हो। बीकामउ अंडर पास के नीचे वाहनों के आवागमन की वजह से रोड़ पूरी तरह से गायब हो चुकी है। यहां पर अब बडे बडे पत्थर दिखायी देते है और मिटटी नजर आती है। वाहनों के आवागमन की वजह से इस मिटटी की उड़ती धुंध पुराने समय में शाम के समय मवेशियों के गांव में वापस आने की वजह से उड़ने वाली गोधूली का आभास कराती है।

लेखक के बारे में
अनिल कुमार सिंह
वरिष्ठ संवाददाता