यूक्रेनी नागरिकों के मकसद की जांच तेज,लखनऊ कनेक्शन पर बड़ा खुलासा
लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी नागरिकों के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं। इन विदेशी नागरिकों पर भारत की सुरक्षा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साजिश रचने और उग्रवादियों को प्रशिक्षण देने के गंभीर आरोप हैं।
lucknow
6:20 PM, Mar 19, 2026
Share:


photo by- google
उत्तर प्रदेश। लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी नागरिकों के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं। इन विदेशी नागरिकों पर भारत की सुरक्षा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साजिश रचने और उग्रवादियों को प्रशिक्षण देने के गंभीर आरोप हैं।
गिरफ्तारी और पहचान
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से तीन यूक्रेनी नागरिकों—पेट्रो हुरबा (36), तारास स्लीव्याक (37) और इवान सुकमनोव्स्की (34) को गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों कथित तौर पर यूक्रेनी युद्ध के अनुभवी हैं।
म्यांमार कनेक्शन और उग्रवाद
जांच के अनुसार, ये आरोपी वैध वीजा पर भारत आए थे, लेकिन बिना अनुमति के मिजोरम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में गए और वहां से सीमा पार कर म्यांमार में प्रवेश किया। वहां उन्होंने भारत विरोधी उग्रवादी समूहों से संपर्क किया और उन्हें हथियारों व ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण दिया।
ये भी पढ़ें: सारस की उड़ान बनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहचान
ड्रोन-आतंकी नेटवर्क
एनआईए का आरोप है कि यह समूह यूरोप से भारत के रास्ते म्यांमार तक ड्रोन की खेप पहुंचाने और उग्रवादियों को उनके संचालन में माहिर बनाने के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा है।लखनऊ के एक होटल में ठहरने के दौरान 'C-Form' और पहचान संबंधी विसंगतियों के कारण खुफिया एजेंसियों को इन पर शक हुआ था। वे गुवाहाटी से बस के जरिए लखनऊ पहुंचे थे और वहां से कुआलालंपुर भागने की फिराक में थे।
नेटवर्क का विस्तार
इस मामले में कुल 7 विदेशी नागरिक पकड़े गए हैं। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने इन्हें 27 मार्च 2026 तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है।यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए एक पारदर्शी जांच की मांग की है और अपने नागरिकों के लिए दूतावास संबंधी पहुंच मांगी है।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर