अंबेडकर जयंती पर प्रेरणादायक संबोधन, शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम बताया
लखनऊ के कठवारा में आयोजित अंबेडकर जयंती कार्यक्रम का यह वृत्तांत वाकई प्रेरणादायक है। डॉ. चन्द्रकेतु सिंह का यह संबोधन कि "शिक्षा सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम है", बाबा साहेब के मूल मंत्र 'शिक्षित बनो' को पूरी तरह चरितार्थ करता है। डॉ. अंबेडकर के जीवन को केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष और सफलता का मार्गदर्शक बताया गया।
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6:35 PM, Apr 14, 2026
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संबोधन में मुख्य रूप से शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम बताया गया सौ0 bma7.in
उत्तर प्रदेश। लखनऊ के कठवारा में आयोजित अंबेडकर जयंती कार्यक्रम का यह वृत्तांत वाकई प्रेरणादायक है। डॉ. चन्द्रकेतु सिंह का यह संबोधन कि "शिक्षा सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम है", बाबा साहेब के मूल मंत्र 'शिक्षित बनो' को पूरी तरह चरितार्थ करता है। डॉ. अंबेडकर के जीवन को केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष और सफलता का मार्गदर्शक बताया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. चन्द्रकेतु सिंह उपस्थित
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर ग्रामवासियों द्वारा एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. चन्द्रकेतु सिंह ने समस्त सम्मानित ग्रामवासियों संबोधित किया।अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने डॉ. अंबेडकर के जीवन को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि, उनके विचार शिक्षा, समान अवसर और सामाजिक समरसता पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि संविधान ने देश के हर नागरिक को आगे बढ़ने का मजबूत आधार प्रदान किया है।
बच्चो की शिक्षा पर जोर
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का आह्वान करते हुए कहा कि, निरंतर मेहनत और धैर्य के माध्यम से ही बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है। ग्रामीण उदाहरण देते हुए उन्होंने शिक्षा को विकास का सबसे प्रभावी माध्यम बताया और समाज को आगे बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।इस दौरान डॉ. सिंह ने बताया कि, गांव में शीघ्र ही एक निःशुल्क लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी, जिससे बच्चों और युवाओं को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
मौके पर यह सब रहे मौजूद
इस अवसर पर अमरजीत सिंह, चंद्रपाल भास्कर, रामचंदर गौतम, श्यामू गौतम, सुजीत गौतम एवं मनीष गौतम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने बाबा साहब के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया और “जय भीम, जय भारत” के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर