चिनहट और बीबीडी क्षेत्र में अवैध खनन का नेटवर्क,लोगो में भारी आक्रोश
लखनऊ के चिनहट और बीबीडी क्षेत्र में अवैध खनन और अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र में भू-माफियाओं द्वारा बिना अनुमति के मिट्टी खनन और अवैध कॉलोनियां विकसित करने का एक सक्रिय नेटवर्क काम कर रहा है, जिस पर लखनऊ विकास प्राधिकरण और पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
lucknow
12:30 PM, Feb 18, 2026
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उत्तर प्रदेश।लखनऊ के चिनहट और बीबीडी क्षेत्र में अवैध खनन और अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र में भू-माफियाओं द्वारा बिना अनुमति के मिट्टी खनन और अवैध कॉलोनियां विकसित करने का एक सक्रिय नेटवर्क काम कर रहा है, जिस पर लखनऊ विकास प्राधिकरण और पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
अवैध प्लॉटिंग और निर्माण
जनवरी और फरवरी 2026 में एलडीए ने चिनहट क्षेत्र के जुग्गौर, लौलाई (फत्ते का पुरवा), और भैंसौरा में लगभग 28 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया। यह निर्माण बिना किसी ले-आउट या मानचित्र स्वीकृति के किया जा रहा था।
कैसे चलता है पूरा खेल
बताया जा रहा है कि, खनन माफिया सुनसान या खेतों से सटे इलाकों को निशाना बनाते हैं। जहां रात के समय निगरानी कम रहती है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में मिट्टी भरकर उसे निर्माण स्थलों या ईंट-भट्ठों तक पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि, कई बार भारी वाहनों की आवाजाही से कच्चे रास्ते खराब हो चुके हैं और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
संरक्षण के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि,अवैध खनन करने वाले लोग कथित तौर पर संरक्षण के नाम पर मोटी रकम देते हैं। जिससे कार्रवाई नहीं होती। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन लगातार शिकायतों के बावजूद सख्त कार्रवाई न होने से लोगों में नाराज़गी है।
पर्यावरण और कानून व्यवस्था पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध खनन से भूमि की उर्वरता कम होती है, जलस्तर प्रभावित होता है और आसपास के क्षेत्र में कटाव व धंसान का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही बिना परमिट रात में वाहनों की आवाजाही से सुरक्षा जोखिम भी बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों की मांग
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से मांग की है कि रात में संयुक्त टीम बनाकर छापेमारी की जाए और वाहनों की चेकिंग बढ़ाई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि अवैध खनन पर रोक लग सके।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर