इंजीनियरों की अनदेखी और बिल्डर की मनमानी, संकट में सोसायटियाँ
लखनऊ के कुर्सी रोड क्षेत्र में विकास के नाम पर विनाश का खेल जारी है। लखनऊ विकास प्राधिकरणके जिम्मेदार अधिकारियों की कथित संलिप्तता और घोर लापरवाही के कारण आज क्षेत्र के हजारों परिवारों का सुकून छिन गया है। बिना किसी पूर्व सुरक्षा आकलन और विभागीय अनुमति के शुरू की गई एक निजी बिल्डर की बेसमेंट खुदाई ने पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था को दांव पर लगा दिया है।
lucknow
4:23 PM, May 7, 2026
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15,000 परिवारों पर बिजली संकट का खतरा सौ0 bma7.in
लखनऊ के कुर्सी रोड क्षेत्र में विकास के नाम पर विनाश का खेल जारी है। लखनऊ विकास प्राधिकरणके जिम्मेदार अधिकारियों की कथित संलिप्तता और घोर लापरवाही के कारण आज क्षेत्र के हजारों परिवारों का सुकून छिन गया है। बिना किसी पूर्व सुरक्षा आकलन और विभागीय अनुमति के शुरू की गई एक निजी बिल्डर की बेसमेंट खुदाई ने पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था को दांव पर लगा दिया है।
मामला कुर्सी रोड स्थित प्रमुख सोसायटियों के पास का है। आरोप है कि, एलडीए के अधिशासी अभियंता मनोज सागर और नीरज कुमार की निगरानी में भारी चूक हुई है। इनकी कथित 'अनदेखी' का लाभ उठाते हुए एक बिल्डर ने मनमाने ढंग से गहरी बेसमेंट खुदाई का काम शुरू कर दिया। खुदाई के दौरान बिजली विभाग के भूमिगत बुनियादी ढांचेका ध्यान नहीं रखा गया, जिससे एक बड़े हादसे की आशंका पैदा हो गई है।
इस लापरवाही का सीधा असर क्षेत्र की प्रतिष्ठित सोसायटियों पर पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार,सृष्टि, सरगम, जनेश्वर और स्मृति अपार्टमेंट में हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लगभग 2,200 परिवारों की बिजली लाइनें इस खुदाई की चपेट में आने के कगार पर हैं।यहाँ रहने वाले 3,000 से अधिक परिवारों की स्थिति और भी विकट है। सोमवार को इन परिवारों ने करीब 2 घंटे तक पूर्ण बिजली कटौती का सामना किया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।यदि मुख्य विद्युत केबल क्षतिग्रस्त होती है, तो क्षेत्र के लगभग 15,000 घरों की बत्ती गुल हो सकती है।
नियमों के मुताबिक, किसी भी बड़े निर्माण या खुदाई कार्य से पहले संबंधित विभागों (जैसे लेसा/बिजली विभाग) से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) लेना अनिवार्य होता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि एलडीए ने समय रहते बिल्डर को निर्देशित किया होता कि बिजली विभाग से अनुमति के बिना काम शुरू न करें, तो न तो बिजली गुल होती और न ही निवासियों में डर का माहौल बनता।
सहारा स्टेट और आसपास के अपार्टमेंट्स के निवासियों का आरोप है कि एलडीए अधिकारी शिकायतों के बावजूद बिल्डर पर लगाम कसने में नाकाम रहे हैं। लोगों का कहना है कि अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों को पता होना चाहिए कि कुर्सी रोड जैसे घने बसे क्षेत्र में निर्माण कार्य के मानक क्या हैं। बिना सुरक्षा दीवारों और भूमिगत केबल की मैपिंग के खुदाई करना सीधे तौर पर लोगों की जान-माल से खिलवाड़ है।
इंजीनियरिंग विशेषज्ञों का मानना है कि, मानसून के करीब होने के कारण ऐसी असुरक्षित खुदाई और भी खतरनाक हो सकती है। यदि मिट्टी धंसती है, तो न केवल बिजली के खंभे और केबल गिरेंगे, बल्कि पास की सड़कों और इमारतों की नींव पर भी बुरा असर पड़ सकता है।यह घटना एलडीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहे हैं? फिलहाल, 15,000 परिवारों की निगाहें अब शासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। निवासियों ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से खुदाई का काम रुकवाया जाए और संबंधित अधिकारियों व बिल्डर की जवाबदेही तय की जाए।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर