ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारतीय शेयर बाज़ार में भारी गिरावट
ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारतीय शेयर बाज़ार में भारी गिरावट देखी गई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों के विश्वास को झकझोर दिया है। जिसको लेकर भारत में कई प्रकार की समस्या आ रही है। लोगो के बीच इस परेशानी को लेकर चिंता बनी हुई है।
lucknow
2:07 PM, Mar 9, 2026
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उत्तर प्रदेश। ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारतीय शेयर बाज़ार में भारी गिरावट देखी गई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों के विश्वास को झकझोर दिया है। जिसको लेकर भारत में कई प्रकार की समस्या आ रही है। लोगो के बीच इस परेशानी को लेकर चिंता बनी हुई है।
बाज़ार पर मुख्य प्रभाव
पिछले कुछ सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी में 2% से अधिक की गिरावट आई है।6 मार्च को सेंसेक्स 1,097 अंक गिरकर 78,918.90 पर और निफ्टी 315.45 अंक गिरकर 24,450.45 पर बंद हुआ था। 9 मार्च के शुरुआती कारोबार में भी बाज़ार पर दबाव बना हुआ है और निफ्टी के लिए 24,500-24,600 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।
निवेशकों को नुकसान
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संघर्ष शुरू होने के बाद से मात्र दो कारोबारी सत्रों में निवेशकों के लगभग ₹16.32 लाख करोड़ डूब चुके हैं।पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की खबरों से ब्रेंट क्रूड की कीमतें $83.91 प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं।भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 92.16 पर पहुँच गया है।
सेक्टर-वार स्थिति
पेंट, टायर और एविएशन जैसे सेक्टर कच्चे तेल की कीमतों के प्रति संवेदनशील होने के कारण दबाव में हैं। तेल एवं गैस और रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में कुछ बढ़त देखी गई है। जिसको लेकर बाज़ार में भारी मुश्किले आ रही है जिसने लोगो के दैनिक जीवन को खराब कर दिया है।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर