स्मार्ट मीटर पर संग्राम: भारी बिलों से भड़के उपभोक्ताओं का प्रदर्शन
लखनऊ में स्मार्ट मीटरों की 'रफ़्तार' और बढ़ते बिजली बिलों ने आम जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। बुधवार को शहर के विभिन्न इलाकों से आए सैकड़ों उपभोक्ताओं ने रिवर बैंक कॉलोनी स्थित बिजली विभाग के '1912' कॉल सेंटर और मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों के उग्र तेवर देख विभाग में हड़कंप मच गया और घंटों कामकाज ठप रहा।
lucknow
3:32 PM, Apr 29, 2026
Share:


लखनऊ में बिजली विभाग के खिलाफ बड़ा आंदोलन सौ0 bma7.in
लखनऊ में स्मार्ट मीटरों की 'रफ़्तार' और बढ़ते बिजली बिलों ने आम जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। बुधवार को शहर के विभिन्न इलाकों से आए सैकड़ों उपभोक्ताओं ने रिवर बैंक कॉलोनी स्थित बिजली विभाग के '1912' कॉल सेंटर और मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों के उग्र तेवर देख विभाग में हड़कंप मच गया और घंटों कामकाज ठप रहा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय निवासियों का आरोप है कि, जब से स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उनके बिजली बिलों में अप्रत्याशित और 'अनियमित' उछाल आया है। प्रदर्शनकारियों ने हाथ में तख्तियां लेकर "स्मार्ट मीटर हटाओ, लूट बंद करो" के नारे लगाए। उपभोक्ताओं का कहना है कि जो बिल पहले 1500 से 2000 रुपये के बीच आता था, वह अब सीधे 5000 से 8000 रुपये तक पहुँच गया है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मीटर इतनी तेजी से भाग रहे हैं जैसे कोई 'जादुई रफ़्तार' पकड़ ली हो।
घेराव के दौरान उपभोक्ताओं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा, "बिना किसी पूर्व सूचना और पारदर्शिता के हमारे घरों में मीटर थोपे जा रहे हैं। जब उपभोक्ता विरोध करते हैं, तो उन्हें कनेक्शन काटने की धमकी दी जाती है।" लोगों ने इस पूरी प्रक्रिया को 'तानाशाही' करार देते हुए मांग की कि स्मार्ट मीटर योजना की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। जब तक जांच पूरी न हो, तब तक मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए।
कार्यालय के घेराव और बढ़ते हंगामे को देखते हुए बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। विभाग का पक्ष रखते हुए अधिकारियों ने दावा किया कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह सटीक हैं, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि तकनीकी खराबी या फीडिंग की समस्या हो सकती है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिन उपभोक्ताओं के बिलों में अचानक भारी बढ़ोतरी हुई है, उनके मीटरों की जांच के लिए विशेष टीमें भेजी जाएंगी और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
प्रदर्शन के अंत में उपभोक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि, यदि एक सप्ताह के भीतर इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया और बिलों में सुधार नहीं हुआ, तो यह आंदोलन केवल 1912 कार्यालय तक सीमित नहीं रहेगा। लोग सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। फिलहाल, विभाग की ओर से मिले भरोसे के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए हैं, लेकिन लखनऊ में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश चरम पर है।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर