मशहूर गायिका आशा भोसले ने मुंबई के अस्पताल में ली आखिरी सांस
मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले का मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण निधन होने की दुखद खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि पद्म विभूषण से सम्मानित आशा ताई ने शनिवार रात अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में होगा। लता मंगेशकर की छोटी बहन आशा ने सात दशकों से अधिक समय तक 10,000 से अधिक गाने गाए।
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2:25 PM, Apr 12, 2026
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मशहूर गायिका आशा भोसले का निधन सौ0 bma7.in
उत्तर प्रदेश। मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले का मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण निधन होने की दुखद खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि पद्म विभूषण से सम्मानित आशा ताई ने शनिवार रात अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में होगा। लता मंगेशकर की छोटी बहन आशा ने सात दशकों से अधिक समय तक 10,000 से अधिक गाने गाए।
बेटे के हाथो कल होगा अंतिम संस्कार
बताया जा रहा है कि,आशा भोसले को शनिवार की शाम अत्यधिक थकान, सीने में संक्रमण और सांस लेने में तकलीफ के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अनुसार, उनकी मृत्यु मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण हुई है। उनके बेटे आनंद भोसले ने पुष्टि की है कि, उनका अंतिम संस्कार कल, सोमवार को शाम 4:00 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।
एक महान युग का अंत
उनके पार्थिव शरीर को कल सुबह 11:00 बजे उनके लोअर परेल स्थित निवास 'कासा ग्रैंड' में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।आशा भोसले, जिन्हें पद्म विभूषण और दादा साहब फाल्के पुरस्कार जैसे सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया था, भारतीय संगीत जगत का एक स्तंभ थीं। अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के निधन के कुछ साल बाद उनके जाने से संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। लोगो के दिलो में इन्होने अपनी एक खास जगह बनाई थी। जिसको लेकर फैंस के द्वारा बेहद ही दुख व्यक्त किया जा रहा है।
करियर की प्रमुख उपलब्धियां
आशा भोसले जी का करियर भारतीय संगीत जगत का एक सुनहरा अध्याय है। उनकी बहुमुखी प्रतिभा और गायकी की विविधता उन्हें दुनिया के सबसे महान गायकों में से एक बनाती है।साल 2011 में, उन्हें आधिकारिक तौर पर संगीत इतिहास में सबसे अधिक रिकॉर्ड किए गए कलाकार के रूप में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता दी गई थी।
अंतर्राष्ट्रीय पहचान
उन्होंने 7 बार सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का फिल्मफेयर जीता। बाद में उन्होंने नए कलाकारों को मौका देने के लिए अपना नाम इस श्रेणी से हटा लिया था। 2001 में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। वह ग्रैमी अवार्ड के लिए नामांकित होने वाली पहली भारतीय गायिका थीं।
प्रसिद्ध गीत
आशा भोसले की आवाज़ की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि, वे एक तरफ चुलबुले और तेज़ गाने गा सकती थीं।"पिया तू अब तो आजा" और "ये मेरा दिल" ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई। फिल्म 'उमराव जान' के लिए उन्होंने संगीतकार खय्याम के साथ "इन आंखों की मस्ती के" और "दिल चीज़ क्या है" जैसी सदाबहार गजलें गाईं।"चुरा लिया है तुमने", "अभी ना जाओ छोड़कर" और "दो लफ्जों की है दिल की कहानी" आज भी युवाओं की पसंद हैं। बताया जा रहा है कि,आशा भोसले 90 के दशक में उन्होंने "जनम समझा करो" और फिल्म 'रंगीला' के गानों से खुद को फिर से स्थापित किया। पंचम दा के साथ मिलकर उन्होंने संगीत के साथ कई प्रयोग किए, जैसे कि, मशहूर गाना "दम मारो दम"।आशा जी केवल एक गायिका नहीं, बल्कि एक संस्था थीं जिन्होंने भारतीय संगीत को सात दशकों तक अपनी आवाज़ से सजाया।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर