UP में डाटा सेंटर की स्थापना गेम चेंजर, Data mismatch से बचाएगा Data center
उत्तर प्रदेश में डाटा सेंटर की स्थापना राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए वास्तव में एक गेम चेंजर साबित हो रही है। आज के युग में "डाटा ही नया तेल है" और एआई पर नियंत्रण रखने वाले ही भविष्य की वैश्विक शक्ति होंगे। बताया जा रहा है कि,प्रदेश सरकार एक समर्पित स्टेट डाटा अथॉरिटी गठित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसका मुख्य कार्य विभिन्न विभागों के बीच डाटा के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना और डाटा म
uttar pradesh
4:13 PM, Feb 20, 2026
Share:


sketch by- google
उत्तर प्रदेश में डाटा सेंटर की स्थापना राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए वास्तव में एक गेम चेंजर साबित हो रही है। आज के युग में "डाटा ही नया तेल है" और एआई पर नियंत्रण रखने वाले ही भविष्य की वैश्विक शक्ति होंगे। बताया जा रहा है कि,प्रदेश सरकार एक समर्पित स्टेट डाटा अथॉरिटी गठित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसका मुख्य कार्य विभिन्न विभागों के बीच डाटा के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना और डाटा मिसमैच जैसी समस्याओं को रोकना होगा, जिससे सरकारी सेवाओं में सटीकता आएगी।
स्टेट डाटा अथॉरिटी की स्थापना
यूपी ने ग्रेटर नोएडा में विश्व स्तरीय एआई वर्कलोड को संभालने के लिए एएम ग्रीन ग्रुप के साथ एक समझौता किया है। यह लगभग $25 बिलियन के निवेश के साथ भारत के सबसे बड़े एआई डाटा सेंटर्स में से एक होगा। सरकार ने अपने लक्ष्यों को बढ़ाकर अब 900 मेगावाट क्षमता और 8 डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें लगभग ₹30,000 करोड़ के निवेश की उम्मीद है।
डिजिटल मैनेजमेंट और प्रोसेसिंग
डेटा सेंटर केवल स्टोरेज के लिए नहीं, बल्कि "डिजिटल बुद्धिमत्ता के कारखाने" के रूप में कार्य करेंगे, जहाँ एआई और बिग डाटा एनालिटिक्स के माध्यम से रीयल-टाइम डेटा प्रोसेसिंग संभव होगी।लखनऊ में देश की पहली एआई सिटी विकसित की जा रही है। साथ ही, एनएएसएससीओएम जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर युवाओं को एआई और डाटा एनालिटिक्स में प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे इस उभरते क्षेत्र में रोजगार पा सकें।इन पहलों के माध्यम से यूपी न केवल भारत का बल्कि वैश्विक स्तर पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का एक बड़ा केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर