देव और वसुधा की शादी के लिए चंद्रिका की मंजूरी बेहद जरुरी
वसुधा और देव के बीच सबकुछ सही होने के बाद भी इन दोनो की लाइफ में कुछ भी ठीक होने का नाम ही नही ले रहा है। क्योकि,देव को वसुधा की सारी सच्चाई मालूम हो गयी थी कि,वसुधा ने चंद्रिका के कहने पर देव को छोडने का नाटक किया और वसुधा ने देव के मन अपने प्रति यह गलतफहमी पैदा कि,वसुधा अब देव के पैसे से प्यार करती है। वसुधा को हमेशा से सिर्फ देव के पैसे से ही प्यार था।
lucknow
7:30 PM, Feb 14, 2026
Share:


photo by- google
उत्तर प्रदेश। वसुधा और देव के बीच सबकुछ सही होने के बाद भी इन दोनो की लाइफ में कुछ भी ठीक होने का नाम ही नही ले रहा है। क्योकि,देव को वसुधा की सारी सच्चाई मालूम हो गयी थी कि,वसुधा ने चंद्रिका के कहने पर देव को छोडने का नाटक किया और वसुधा ने देव के मन अपने प्रति यह गलतफहमी पैदा कि,वसुधा अब देव के पैसे से प्यार करती है। वसुधा को हमेशा से सिर्फ देव के पैसे से ही प्यार था। लेकिन देव का दिल यह मानने का तैयार ही नही हो रहा था कि,वसुधा ऐसा भी कुछ कर सकती है। जिसकी वजह से देव वसुधा की मजबूरी का जानने के लिए हर दिन कोशिश कर होता है। अखिर में देव को पता चल ही जाात है कि,उसका दिल हमेशा से सही बोल रहा था।
देव को पिता ने बनाई योजना
देव के पिता ने देव और वुसधा को पहले जैसे कि,रहने को कहा होता है कि,क्योकि,देव को वसुधा से दूर जाते देख चंद्रिका को बहुत ही बुरा लगता था। क्योकि,चंद्रिका वसुधा को अपनी बेटी मानती है और जब वसुधा के साथ कुछ गलत होता है। तब चंद्रिका को बर्दाश्त नही होता है। देव के पिता यह बात बहुत अच्छी तरह से जानते है कि,चंद्रिका के मन में वसुधा के लिए एक खास जब जगह है। चंद्रिका ने अंदर से वसुधा को अपनी बहू के रूप में स्वीकार कर लिया होता है। मगर चंद्रिका को भी यह बात मालूम नही होती है कि,वह वसुधा को अपनी बहू के रूप में मान चुकी है। देव के पिता चंद्रिका को यही अहसास दिलाना चाहते थे कि,वसुधा की चौहान घर की बडी बहू बनने के लायक है और वही देव की पत्नी हो का हक रखती है।
वसुधा को चंद्रिका को धोखा देने नही लगा ठीक
वसुधा देव के पिता के कहे अनुसार, वह सब करती है। जो उसे करने को कहा गया है। लेकिन वसुधा को यह सब करना ठीक नही लग रहा होता है। क्योकि,वह चंद्रिका को किसी भी धोखे में नही रखना चाहती है। लेकिन देव कहता है जो पापा ने कहा है अगर हम लोग वह करेंगे,तो चंद्रिका मान जाएगी। इससे हम लोग साथ में रह सकते है और तुम्हे इस घर की बडी बहू होने का पूरा हक मिलेगा। जो तुम्हे मिलना चहिए।जिस पर वसुधा मान जाती है।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर