मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री के आदेशो का अनुपालन नही करा पा रहे DM व बेशिक शिक्षाधिकारी
लखनऊ के जिलाधिकारी और परिवहन विभाग ने निजी स्कूलों की इस मनमानी और असुरक्षित वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकार के निर्देश पर 1 से 15 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच का विशेष अभियान चलाया गया।लखनऊ में जांच के दौरान पाया गया कि, लगभग 530 वैन अनफिट हैं और 168 वाहनों के पास परमिट नहीं है। इसके अलावा, प्रशासन ने UP-ISVMP पोर्टल लॉन्च किया है,
lucknow
5:01 PM, Apr 21, 2026
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मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री के आदेशो का अनुपालन नही करा पा रहे DM व बेशिक शिक्षाधिकारी sketch by - google
उत्तर प्रदेश। लखनऊ के जिलाधिकारी और परिवहन विभाग ने निजी स्कूलों की इस मनमानी और असुरक्षित वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकार के निर्देश पर 1 से 15 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच का विशेष अभियान चलाया गया।लखनऊ में जांच के दौरान पाया गया कि, लगभग 530 वैन अनफिट हैं और 168 वाहनों के पास परमिट नहीं है। इसके अलावा, प्रशासन ने UP-ISVMP पोर्टल लॉन्च किया है, जहाँ स्कूलों को अपने सभी वाहनों और ड्राइवरों का विवरण देना अनिवार्य है।
मलिहाबाद का हाल
बताया जा रहा है कि, मलिहाबाद सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई 'घोस्ट' वाहन (जिनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है) चल रहे हैं। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि, फिटनेस फेल होने पर वाहन सीज किए जाएंगे और स्कूल प्रबंधन पर भी जिम्मेदारी तय होगी।
निर्धारित दुकान का दबाव
लखनऊ जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि, कोई भी स्कूल अभिभावकों को किसी खास दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।शासन का स्पष्ट आदेश है कि, स्कूल निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों के बजाय एनसीआरटी/अधिकृत पुस्तकों से ही पढ़ाई कराएंगे।मलिहाबाद क्षेत्र में अभिभावकों की नाराजगी के बाद सामाजिक न्याय महासभा ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें पक्की रसीद न देने और निजी प्रकाशकों के कमीशन के खेल की जांच की मांग की गई है।प्रमुख स्कूल सामने आए है जिनमें सिद्धार्थ ग्लोबल, विद्यस्थली कनार, सफा स्कूल ,कुँवर आसिफ अली ज्ञानदीप इंटर कालेज सेंटमेरी, जेन्ट जोजफ आदि जैसे बड़े स्कूल शामिल हैं।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर