देव और वसुधा हुए फिर से एक,चंद्रिका गई जेल,क्या होगा आगे...
वसुधा और देव के बीच जो झूठ की दीवार खडी हुई थी। वो दीवार टूट चुकी है। देव को गोली लगने के बाद जब वसुधा उसके लिए भगवान से खूब प्रार्थना करती है। जिसको देखकर देव को पता चल जाता है कि,वसुधा यह सब किसी के कहने पर कर रही होती है। तब देव अपने सिर पर वसुधा का हाथ रखकर उससे सारी बात बताने को कहता है। तब वुसधा सबकुछ नही बताती है। बस इतना कहती है कि,मैं तो बस मां और बेटे को अलग नही करना चाहती थी।
lucknow
7:04 PM, Feb 10, 2026
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photo by- google
उत्तर प्रदेश। वसुधा और देव के बीच जो झूठ की दीवार खडी हुई थी। वो दीवार टूट चुकी है। देव को गोली लगने के बाद जब वसुधा उसके लिए भगवान से खूब प्रार्थना करती है। जिसको देखकर देव को पता चल जाता है कि,वसुधा यह सब किसी के कहने पर कर रही होती है। तब देव अपने सिर पर वसुधा का हाथ रखकर उससे सारी बात बताने को कहता है। तब वुसधा सबकुछ नही बताती है। बस इतना कहती है कि,मैं तो बस मां और बेटे को अलग नही करना चाहती थी। जिस पर देव उसको दोबारा से मंगलसूत्र पहना देता है।
देव और वसुधा फिर आए एक साथ
वसुधा भी बहुत खुश होती है कि,चंद्रिका की सच्चाई आए बिना उसका घर टूटने से बच गया। वही दूसरी ओर आवी को बचाने के लिए चंद्रिका पुलिस के सामने जाकर यह कुबुल कर लेती है कि,उसने ही देव पर अपनी गोली चलाई थी। जिसको लेकर पुलिस चंद्रिका को आरेस्ट कर लेती है। लेकिन परिवार में सब को मालूम होता है कि,देव चंद्रिका की जान होता है और देव को नुकसान पहुंचना तो दूर की बात है। चंद्रिका ऐसा सोच भी नही सकती है। लेकिन पुलिस की नजरो मेे चंद्रिका देव की अपराधी होती है। जिसको लेकर चंद्रिका को जेल में रहना पडता है। देव चंद्रिका को बाहर निकलने के लिए सारी कोशिश कर रहा होता है।
आवी ने किया सुसाइड करने का प्रयास
देव और वसुधा को यह बात भी मालूम होती है कि,आवी और चंद्रिका एक — दूसरे को बचाने की कोशिश कर रहे है। लेकिन उनका पहला मकसद चंद्रिका को जेल से निकला होता है। तभी वह लोग आवी की मजबूरी को जानने की ज्यादा कोशिश नही करती है। आवी सुसाइड करने की पूरी कोशिश करता है लेकिन वसुधा सही समय पर आकर उसकी जान बचा लेती है। आवी डर की वजह से किसी को कुछ नही बता रहा होता है क्योकि,उसको मालूम होता है कि,घर पर कैमरे लगे हुए और अगर उसने कुछ ऐसा — वैसा किया तो करिश्मा को पता चल जाएगा। अब देखने वाली बात तो यह होगी कि,क्या वसुधा इस बार भी अपने परिवार को बचा पाती है या फिर नही।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर