UP के बजट 2026-27 और हालिया आर्थिक प्रगति के आंकड़ों से पूरी तरह मेल खाती
उत्तर प्रदेश के बजट 2026-27 और हालिया आर्थिक प्रगति के आंकड़ों से पूरी तरह मेल खाती है। राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे और छोटे उद्योगों को केंद्र में रखकर विकास का एक नया मॉडल पेश किया है। बताया जा रहा है कि, सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹9,12,696 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। इसमें कुल परिव्यय का 19.5% (~₹1.78 लाख करोड़) पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किया गया है
uttar pradesh
4:26 PM, Feb 20, 2026
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उत्तर प्रदेश के बजट 2026-27 और हालिया आर्थिक प्रगति के आंकड़ों से पूरी तरह मेल खाती है। राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे और छोटे उद्योगों को केंद्र में रखकर विकास का एक नया मॉडल पेश किया है। बताया जा रहा है कि, सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹9,12,696 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। इसमें कुल परिव्यय का 19.5% (~₹1.78 लाख करोड़) पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किया गया है, जो राज्य में संपत्तियों के निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित है।
बैंक क्रेडिट-डिपॉजिट
उत्तर प्रदेश का कुल CD रेशियो जो कभी 43% (2017) पर था, अब बढ़कर 60.39% (दिसंबर 2025 तक) हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे चालू वित्त वर्ष के अंत तक 62% से अधिक करने का लक्ष्य रखा है, ताकि लोगों का पैसा राज्य के विकास के लिए ऋण के रूप में उपलब्ध हो सके।
एमएसएमई नेटवर्क और कुशल जनशक्ति
राज्य में एमएसएमई सेक्टर लगभग 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार देता है।बजट 2026-27 में एमएसएमई के लिए ₹3,822 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 19% अधिक है।कुशल मैनपावर के लिए स्वामी विवेकानंद युवा अधिकारिता योजना (टैबलेट/स्मार्टफोन वितरण) हेतु ₹2,374 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
एमएसएमई सर्वे और सुविधा
सरकार ने एमएसएमई इकाइयों की वास्तविक स्थिति जानने और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए व्यवस्थित सर्वे और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे 'उद्गम पोर्टल' को बढ़ावा दिया है। 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' जैसी योजनाओं से पारंपरिक उद्योगों को पुनर्जीवित किया गया है।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर