मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि सतगुरु की जयंती पर प्रदेशवासियों को दी बधाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत शिरोमणि सतगुरु श्री रविदास जी महाराज की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।अपने संदेश में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि, संत रविदास जी के विचार कालातीत, सार्वभौमिक और समाज को दिशा देने वाले हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता, समानता और मानवीय गरिमा के मूल्यों को अपनी वाणी और कर्म के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया।
uttar pradesh
7:06 PM, Jan 31, 2026
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उत्तर प्रदेश। लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत शिरोमणि सतगुरु श्री रविदास जी महाराज की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।अपने संदेश में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि, संत रविदास जी के विचार कालातीत, सार्वभौमिक और समाज को दिशा देने वाले हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता, समानता और मानवीय गरिमा के मूल्यों को अपनी वाणी और कर्म के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया। सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध उनके विचार आज भी समाज को जागृत और प्रेरित करते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस अवसर पर बताई कुछ खास बाते
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, यह उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि,संत रविदास जी की जन्मस्थली सीर गोवर्धन, प्राचीन और सांस्कृतिक नगरी काशी में स्थित है। जिसने भारत की संत परम्परा को नई चेतना और वैचारिक ऊर्जा प्रदान की। संत रविदास जी का प्रसिद्ध कथन ’मन चंगा तो कठौती में गंगा’ आंतरिक पवित्रता, नैतिकता और आत्मशुद्धि के भाव को सरल और प्रभावी रूप में व्यक्त करता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि, माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर ही संत रविदास जी का जन्म हुआ था। इसलिए यह तिथि आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर प्रयागराज में त्रिवेणी संगम सहित पवित्र नदियों में स्नान-दान का विशेष महत्व है।
देश— विदेश से आए श्रद्धालु कर रहे भक्ति से भरा स्नान
मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रयागराज में चल रहा सुव्यवस्थित माघ मेला समरसता, आस्था और भारतीय आध्यात्मिक परम्परा का अद्वितीय संगम है। जहां देश-विदेश से आए श्रद्धालु साधना, सेवा और आत्मिक शुद्धि के भाव से पवित्र स्नान कर रहे हैं। माघ मेला करोड़ों श्रद्धालुओं को जोड़ने वाला सामुदायिक समरसता का महापर्व है, जहां सभी जाति-समुदाय एक साथ आस्था, समानता और सद्भाव का अनुभव करते हैं।मुख्यमंत्री जी ने माघ पूर्णिमा के अवसर पर संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं एवं कल्पवासियों के सुख, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पवित्र स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान स्वच्छता, अनुशासन और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करेंफ। ताकि यह आस्था का महापर्व सुरक्षित, सुव्यवस्थित, समरस और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो सके।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर