LU बारादरी में नमाज़ पढ़ने का मामला,लविवि के छात्र संगठनों ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
लखनऊ विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक लाल बारादरी में नमाज़ पढ़ने और उसके गेट को सील करने को लेकर छात्र संगठनों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया है।छात्र संगठनों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर रजिस्ट्रार डॉ. भावना मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी लिखित आदेश के बारादरी के गेट को वेल्ड कर दिया।
lucknow
4:55 PM, Feb 28, 2026
Share:


photo by- google
उत्तर प्रदेश।लखनऊ विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक लाल बारादरी में नमाज़ पढ़ने और उसके गेट को सील करने को लेकर छात्र संगठनों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया है।छात्र संगठनों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर रजिस्ट्रार डॉ. भावना मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी लिखित आदेश के बारादरी के गेट को वेल्ड कर दिया। छात्रों ने इस कार्रवाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग उठाई है।
नमाज़ स्थल सील करने का विरोध
छात्रों का कहना है कि, रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान दशकों पुरानी नमाज़ की परंपरा को जानबूझकर रोका गया है। वहीं, प्रशासन का तर्क है कि, इमारत जर्जर अवस्था में है और सुरक्षा कारणों से इसे सील किया गया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रशासन परिसर में साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। इसके विपरीत, प्रशासन ने रजिस्ट्रार की शिकायत पर अज्ञात छात्रों और बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ दंगा भड़काने के प्रयास में एफआईआर दर्ज कराई है।
ये भी पढ़ें: सारस की उड़ान बनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहचान
फंड और रेगुलेशंस पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों ने 5 करोड़ रुपये के फंड के उपयोग पर सवाल उठाए और विश्वविद्यालय में यूजीसी इक्विटी रेगुलेशंस को सख्ती से लागू करने की मांग की।विवाद के बाद प्रशासन ने अब तक 13 छात्रों को नोटिस जारी किया है और शांति बनाए रखने के लिए ₹50,000 का मुचलका भरने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त, 6 छात्रों के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।इस विरोध और प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा, और एआईएसए जैसे प्रमुख छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर