टूटती उम्मीदें, हारती जिंदगी: कहीं शराब बनी जान की दुश्मन, तो कहीं बीमारी के तनाव ने छीनी सांसें
दुबग्गा और मड़ियांव थाना क्षेत्रों में बीते शुक्रवार को दो युवकों द्वारा जान देने की दुखद घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है और संबंधित थाना प्रभारियों ने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं।
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2:03 PM, May 2, 2026
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दुबग्गा में इकलौते भाई और मड़ियांव में मूक-बधिर युवक ने लगाया फंदा seketch by- google
बख्शी का तालाब। दुबग्गा और मड़ियांव थाना क्षेत्रों में बीते शुक्रवार को दो युवकों द्वारा जान देने की दुखद घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है और संबंधित थाना प्रभारियों ने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं।
दुबग्गा थाना क्षेत्र के फरीदीपुर इलाके में रहने वाले 31 वर्षीय सलमान की मृत्यु की सूचना मिली है। दुबग्गा थाना प्रभारी के अनुसार, परिजनों के बयानों से संकेत मिलता है कि सलमान मानसिक रूप से परेशान था। शुक्रवार शाम को परिवार में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जिससे आहत होकर उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
दूसरी घटना मड़ियांव थाना क्षेत्र के बेली गारद इलाके की है, जहां 22 वर्षीय सलमान अली की मृत्यु हो गई। मड़ियांव थाना प्रभारी ने बताया कि, प्राथमिक जानकारी के अनुसार युवक लंबे समय से मानसिक तनाव और अवसाद का सामना कर रहा था।मृतक के पिता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनका बेटा अपनी कुछ व्यक्तिगत समस्याओं और स्वास्थ्य को लेकर काफी परेशान रहता था। इसी तनाव के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सलमान के पिता सलीम ने बताया कि, शुक्रवार शाम करीब 7:00 बजे सलमान शराब के नशे में घर लौटा था। इस बात को लेकर उसकी मां जरीना ने उसे फटकार लगाई और शराब न पीने की नसीहत दी।परिजनों के अनुसार, मां की डांट से सलमान काफी आहत (दुखी) हो गया। वह चुपचाप कमरे में गया और टिन शेड के पाइप में रस्सी का फंदा डालकर लटक गया। मां जब कुछ देर बाद उसे देखने कमरे में गई, तो उसे फंदे से लटका देख चीख पड़ी। शोर सुनकर पड़ोसियों की मदद से उसे नीचे उतारा गया और निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।परिजनों ने बताया कि, सलमान तीन बहनों में इकलौता भाई था और ई-रिक्शा चलाकर घर का गुजारा करता था।
मड़ियांव घटना में पिता आबिद ने बताया कि, सलमान मूक-बधिर (बोल और सुन न पाने वाला) था। वह पहले एक कपड़े की दुकान पर काम करता था, लेकिन करीब एक साल पहले गंभीर बीमारी के कारण उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। पिता ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि, बीमारी के कारण सलमान के बाल काफी झड़ने लगे थे। अपनी शक्ल-सूरत को लेकर वह बहुत अधिक हीन भावना और डिप्रेशन (अवसाद) में रहने लगा था।
शुक्रवार को पिता आबिद (जो माली का काम करते हैं) और उनके दोनों भाई (गुड्डू और आसिफ) काम पर गए थे। सलमान घर में अकेला था।शाम 4:30 बजे जब पिता घर लौटे, तो दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से झांकने और दरवाजा तोड़ने पर देखा कि उसने टिन शेड की रॉड के सहारे फांसी लगा ली थी।पिता ने बताया कि, सलमान की मां का निधन उसके बचपन में ही हो गया था, जिससे वह अक्सर शांत और उदास रहता था।
दोनों ही मामलों में थाना प्रभारियों का कहना है कि, परिजनों के बयानों के आधार पर पंचनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्राथमिक दृष्टि में ये दोनों मामले पारिवारिक तनाव और व्यक्तिगत अवसाद के प्रतीत हो रहे हैं।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर