दो LED LIGHT का बिल 7290 रूपये और ABC लाइन योजना भी अधूरी, कटघरे में बिजली विभाग
लखनऊ की बख्शी का तालाब तहसील सभागार में आयोजित समाधान दिवस के दौरान बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर एक के बाद एक गंभीर सवाल खड़े हो गए। एक ओर जहां सीमित खपत के बावजूद भारी-भरकम बिजली बिल का मामला सामने आया, वहीं दूसरी ओर एबीसी योजना में अनियमितता के आरोपों ने विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया।नगर पंचायत महोना के केशरमऊ खुर्द निवासी सुनीता ने एडीएम महेंद्र पाल सिंह को शिकायती पत्र देकर बताया।
lucknow
12:34 PM, Feb 8, 2026
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समाधान दिवस में शिकायतों पर सुनवाई करते एडीएम महेंद्र पाल सिंह फोटो सौ.bma7
उत्तर प्रदेश।लखनऊ के बख्शी का तालाब तहसील सभागार में आयोजित समाधान दिवस के दौरान बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर एक के बाद एक गंभीर सवाल खड़े हो गए। एक ओर जहां सीमित खपत के बावजूद भारी-भरकम बिजली बिल का मामला सामने आया, वहीं दूसरी ओर एबीसी योजना में अनियमितता के आरोपों ने विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया।नगर पंचायत महोना के केशरमऊ खुर्द निवासी सुनीता ने एडीएम महेंद्र पाल सिंह को शिकायती पत्र देकर बताया कि उनके घर का विद्युत कनेक्शन उनके दिवंगत पति के नाम पर है, लेकिन वह स्वयं नियमित रूप से बिल का भुगतान करती आ रही हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर माह का पूरा बिजली बिल 486 रुपये उन्होंने समय से जमा कर दिया था। इसके बावजूद जनवरी माह की अंतिम तिथि पर जब वह बिल जमा करने पहुंचीं, तो उनसे अचानक 7290 रुपये जमा करने को कहा गया।
मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
पीड़िता का कहना है कि. उनके घर में रात के समय केवल दो एलईडी बल्ब ही जलते हैं। ऐसे में इतना भारी-भरकम बिल कैसे बना, इस पर बिजली विभाग के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं है। समाधान दिवस में मामला सामने आने के बाद मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।इसी समाधान दिवस में बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत चंदाकोडर के मजरा दिनकरपुर झलौआ गांव के ग्रामीणों ने भी बिजली विभाग के खिलाफ शिकायती पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022–23 में एबीसी योजना के तहत गांव में खुले एल्युमिनियम तार हटाकर एबीसी तार डाले जाने थे, लेकिन तार हटाने के बाद आज तक नई वायरिंग नहीं डाली गई।
आश्वासन के बाद भी कार्य अधूरा
ग्रामीणों का कहना है कि, आश्वासन के बावजूद योजना अधूरी छोड़ दी गई, जिससे मजबूरी में निजी केबल के सहारे बिजली का उपयोग करना पड़ रहा है। इससे गांव में वोल्टेज की समस्या बनी रहती है और उपकरण खराब होने का खतरा बना रहता है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि एबीसी तार डालने के नाम पर आए कई बंडल तार बाद में उठा लिए गए, जिससे गड़बड़ी की आशंका गहराती जा रही है।दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए एडीएम महेंद्र पाल सिंह ने एसडीओ 11 केवीए जीशान अली को जांच कर समस्याओं को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं। अब देखना यह है कि बिजली विभाग इन शिकायतों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है या फिर समाधान दिवस भी केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा।

लेखक के बारे में
राज प्रताप सिंह
वरिष्ठ संवाददाता