नशा तस्करी के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़, ANTF ने दबोचे 4 शातिर तस्कर, 60 लाख का गांजा बरामद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'ड्रग फ्री उत्तर प्रदेश' अभियान को गति देते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने शनिवार को मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह की कमर तोड़ दी है। 09 मई को एएनटीएफ यूनिट कानपुर और एएनटीएफ थाना बाराबंकी की संयुक्त टीम ने एक सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी करते हुए 04 सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
uttar pradesh
1:47 PM, May 9, 2026
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नशा तस्करी के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ सौ0 bma7.in
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'ड्रग फ्री उत्तर प्रदेश' अभियान को गति देते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने शनिवार को मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह की कमर तोड़ दी है। 09 मई को एएनटीएफ यूनिट कानपुर और एएनटीएफ थाना बाराबंकी की संयुक्त टीम ने एक सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी करते हुए 04 सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
कानपुर और बाराबंकी पुलिस के इस समन्वित ऑपरेशन में पकड़े गए अभियुक्तों के पास से भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ बरामद हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, तस्करों के कब्जे से 103.100 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है।तस्करी के इस काले कारोबार में अपराधी लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि किसी को उन पर शक न हो। पुलिस ने मौके से तस्करी में प्रयुक्त 01 सफेद रंग की स्विफ्ट कार और 01 हाई-एंड किया सेल्टॉस कार को जब्त किया है। इसके अलावा, अभियुक्तों की तलाशी के दौरान 3,140 रुपये की नगद राशि भी बरामद हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, एएनटीएफ कानपुर यूनिट को लंबे समय से इन तस्करों की मूवमेंट की जानकारी मिल रही थी। यह गिरोह ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से गांजा लाकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों, विशेषकर कानपुर, बाराबंकी और लखनऊ के आसपास के इलाकों में सप्लाई करता था। जैसे ही इन तस्करों के बाराबंकी क्षेत्र से गुजरने की पक्की सूचना मिली, एएनटीएफ बाराबंकी थाने के साथ मिलकर टीम ने जाल बिछाया। पुलिस की मुस्तैदी देख तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी इतनी कड़ी थी कि उन्हें लग्जरी गाड़ियों सहित दबोच लिया गया।
गिरफ्तार किए गए चारों अभियुक्तों की पहचान सक्रिय तस्करों के रूप में हुई है, जो लंबे समय से इस अवैध व्यापार में शामिल थे। एएनटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि, यह केवल एक गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश है। पूछताछ के दौरान तस्करों ने स्वीकार किया कि वे डिमांड के आधार पर बड़ी खेप को छोटी-छोटी गाड़ियों में छिपाकर सुरक्षित ठिकानों तक पहुँचाते थे।
नशा मुक्त प्रदेश की ओर बढ़ते कदमइस कार्रवाई पर वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि, नशीले पदार्थों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति जारी रहेगी। बरामद गांजे और गाड़ियों को सीज कर दिया गया है और पकड़े गए तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत बाराबंकी में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। अब पुलिस इस गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज यानी सप्लाई चेन के मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुटी है।इस बड़ी कामयाबी ने नशा माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है। एएनटीएफ अब यह जांच कर रही है कि इन तस्करों के तार किन अन्य राज्यों या स्थानीय सफेदपोश अपराधियों से जुड़े हुए हैं।

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मुस्कान सिंह
रिपोर्टर